बस्ती। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी राम सुमेर यादव ने परसुरामपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर चौकी प्रभारी उमेश चंद्र वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ प्रभावी जांच कराए जाने और जनहित में तत्काल स्थानांतरण की मांग की है।
इस संबंध में राम सुमेर यादव ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपा, जबकि मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, मंडलायुक्त और डीआईजी को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत पत्र भेजा है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि चौकी प्रभारी उमेश चंद्र वर्मा द्वारा विभिन्न अवैध गतिविधियों के माध्यम से धन की वसूली की जा रही है। इस संबंध में थाना प्रभारी से शिकायत किए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। यादव ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व भी जब उमेश चंद्र वर्मा सिकंदरपुर चौकी के प्रभारी थे, उस दौरान जुआ समेत कई अवैध कार्यों के आरोप लगे थे, जिसके चलते उनका स्थानांतरण किया गया था।
शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि चौकी प्रभारी शाम के समय शराब के नशे में आम लोगों और फरियादियों से अभद्र व्यवहार करते हैं और गाली-गलौज कर उन्हें अपमानित करते हैं। इससे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है।
पत्र के अनुसार, इससे पहले रोडवेज चौकी में तैनाती के दौरान भी वे अपने अधिकारियों से विवाद के कारण लाइन हाजिर किए गए थे, जिसकी जांच अभी लंबित है। उनके 15 दिन का वेतन भी काटा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं को बार-बार फोन कर परेशान करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
राम सुमेर यादव ने सवाल उठाया है कि वर्ष 2023 में शिकायतों के बाद स्थानांतरण होने के बावजूद उमेश चंद्र वर्मा को दोबारा सिकंदरपुर चौकी का प्रभारी कैसे बनाया गया। उन्होंने कहा कि चौकी प्रभारी का व्यवहार पुलिस की छवि धूमिल कर रहा है और इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था संबंधी मंशा पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।
उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सिकंदरपुर चौकी से हटाया जाए।

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