वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में विमर्श भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के तत्वावधान में ‘सशक्त नागरिक, सशक्त भारत’ विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कहा कि सशक्त नागरिक देश को जोड़ने का कार्य करता है, तोड़ने का नहीं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में टुकड़े-टुकड़े गैंग सक्रिय हैं, जिनका उद्देश्य समाज में मतभेद पैदा करना, विघटन फैलाना और राष्ट्र को कमजोर करना है। ऐसे में सजग, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक ही देश को एकसूत्र में बाँध सकते हैं।
प्रोफेसर द्विवेदी ने कहा कि सशक्त नागरिक का अर्थ केवल अपने अधिकारों की बात करना नहीं है। बीते दशकों में हमने मांगना अधिक और देना कम सीखा है। उन्होंने कहा कि देश हमारा है और उसके भविष्य का निर्धारण भी हमें ही करना है। अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन ही सशक्त नागरिक की पहचान है।
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल कंटेंट क्रिएटर न बनें, बल्कि कंटेंट लीडर और कंटेंट रिफॉर्मर बनें। सोशल मीडिया पर पहुँचने वाला हर शब्द और दृश्य समाज को प्रभावित करता है, इसलिए कंटेंट का केवल वायरल होना नहीं, बल्कि मूल्यवान होना जरूरी है। फेक न्यूज़ और सनसनीखेज प्रस्तुति से समाज में भ्रम और अविश्वास फैल रहा है, जिससे बचना आवश्यक है।
व्याख्यानमाला के मुख्य वक्ता आरएसएस के छत्तीसगढ़ सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव ने कहा कि वही राष्ट्र उन्नति करता है, जिसके नागरिक सजग और समर्थ होते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपने आचार, विचार और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत बिलासपुर के सीईओ संदीप अग्रवाल तथा सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने भी विचार व्यक्त किए।

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