वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। सनातन संस्कृति, हिंदू एकता और राष्ट्र चेतना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से गोरखपुर में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आज हिंदू आयोजन समिति, आज़ाद बस्ती, गोरखपुर महानगर दक्षिण द्वारा तारामंडल स्थित सत्यमलॉन के सभागार में संपन्न हुआ। सम्मेलन में संत-महात्मा, धर्माचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी वर्ग तथा बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता रही।
कार्यक्रम में धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रवादी विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने हिंदू समाज को संगठित होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया। सम्मेलन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छुआछूत जैसी बुराइयों का अंत किए बिना सामाजिक समरसता संभव नहीं है।
मुख्य अतिथि प्रख्यात धर्माचार्य काली बाड़ी के महंत श्री रविंद्र दास महाराज ने भगवान श्रीराम और शबरी प्रसंग का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीराम ने शबरी के जूठे बेर खाकर सामाजिक समानता और मानव मात्र की एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का मूल्यांकन जाति, भाषा या संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके कर्म और चरित्र से होना चाहिए। समाज की एकता की पहली शर्त मन से भेदभाव की भावना को समाप्त करना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्थोपेडिक चिकित्सक डॉ. अमित सिंह श्रीनेत ने की। मातृ शक्ति के रूप में डॉ. लता श्रीवास्तव ने नारी की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक रमेश ने हिंदू एकता, भारतीय संस्कार और पर्यावरण संरक्षण पर विचार रखे तथा कोविदार का पौधरोपण किया।
कार्यक्रम में अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में आयोजक समिति की ओर से राजेश पाण्डे ने आभार ज्ञापन किया।

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