गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मंगलवार को जिले में चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों और दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस कार्ड की लंबित प्रक्रिया पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव, मंत्री मदन मुरारी शुक्ल सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल जमा होने के बाद कार्यालयों में 1–2 माह तक पेंडिंग रखने के कारण भुगतान में कुल मिलाकर लगभग 6 माह का समय लग रहा है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स का नियमित उपचार बाधित हो रहा है और गंभीर बीमारियों में जीवन पर भी खतरा बन रहा है।
परिषद ने जिलाधिकारी गोरखपुर से अनुरोध किया है कि सभी विभागों को निर्देश दिए जाएँ ताकि :
बिल जमा होने से भुगतान तक की प्रक्रिया एक माह में पूरी हो
पेंडिंग फाइलों का तत्काल निस्तारण किया जाए
मंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में दर्जनों कैशलेस कार्ड आवेदन महीनों से पेंडिंग हैं। परिषद ने आग्रह किया कि बचे हुए कार्डों का निर्माण तुरंत कराया जाए और सभी कर्मचारियों को सत-प्रतिशत सुविधा मिले।
अस्पतालों में भी परिषद ने अधिकारियों से कहा कि कैशलेस कार्ड धारकों का इलाज सही तरीके से और समय पर किया जाए, ताकि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इलाज में कोई लापरवाही न हो।
रूपेश श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि 15 दिसंबर को परिषद नगर निगम में प्रस्तावित पेंशनर्स के धरने में शामिल होगी और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेगी।

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