बस्ती। शुक्रवार को ऑल इंडियन फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार यादव के नेतृत्व में कोटेदारों ने अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलापूर्ति अधिकारी को सौंपा। कोटेदारों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र व प्रभावी समाधान नहीं किया गया तो वे तीन दिनों तक राशन वितरण रोकने को विवश होंगे।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में फोन के माध्यम से ली जा रही फीडबैक प्रणाली में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। कई बार फोन ऐसे व्यक्तियों को चला जाता है जो राशन लेने नहीं गए होते, ऐसे में गलत जवाब दर्ज होने से अनावश्यक जांचें होती हैं और शोषण बढ़ जाता है। कोटेदारों ने मांग की कि जांच किसी एक विभाग से ही कराई जाए ताकि अनावश्यक दबाव समाप्त हो सके।
कोटेदारों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद्यान्न पर मात्र 10 रुपये प्रति कुंतल और चीनी पर 70 रुपये प्रति कुंतल लाभांश मिलता है, जबकि हरियाणा, गोवा और दिल्ली जैसे राज्यों में 200 रुपये प्रति कुंतल तक दिया जाता है। गुजरात में तो 20 हजार रुपये तक की मिनिमम गारंटी दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि यूपी के कोटेदारों को भी अन्य राज्यों की तर्ज पर लाभांश निर्धारित किया जाए।
साथ ही डोर स्टेप डिलीवरी के तहत गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न को सीधे कोटे की दुकानों तक पहुंचाने, सभी लंबित बकाया भुगतान करने और वितरण से जुड़े कागजी कार्यों को पूरी तरह पेपरलेस करने की मांग भी उठाई गई। स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित दुकानों के संचालकों को भाड़ा, बिजली बिल व मजदूरी का भुगतान मिलने तथा एमडीएम और ICDS खाद्यान्न पर भी NFSA की तरह कमीशन देने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार यादव ने स्पष्ट कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर कोटेदार तीन दिन का वितरण रोकने को बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में दीप नारायण राय, मो. करीम, मनीष सिंह, विनोद भाई, राम प्रकाश चौधरी, शिवशंकर मिश्र, किरन देवी सहित बड़ी संख्या में कोटेदार उपस्थित रहे।

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