<!--Can't find substitution for tag [blog.voiceofbasti.page]--> - Voice of basti

Voice of basti

सच्ची और अच्छी खबरें

Breaking

वॉयस ऑफ बस्ती में आपका स्वागत है विज्ञापन देने के लिए सम्पर्क करें 9598462331

Sunday, November 9, 2025

सेवा बनी उत्सव की परिभाषा : बृज की रसोई ने करुणा को थालियों में परोसा


लखनऊ। प्रेरणास्रोत बाबा नीम करौली जी की कृपा से इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) के समाजसेवी प्रकल्प “बृज की रसोई” द्वारा रविवार को आशियाना क्षेत्र में निःशुल्क पौष्टिक भोजन वितरण सेवा अभियान संचालित किया गया।

इस सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत साईं मंदिर, आशियाना से शुरू होकर सेवा का यह कारवाँ मलिन बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों, निर्माणस्थलों और रतन खंड क्षेत्र तक पहुँचा। लगभग 1500 जरूरतमंद बच्चों, बुजुर्गों एवं परिवारों को स्नेहपूर्वक भोजन परोसा गया।

संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने बताया कि “हर थाली में केवल अन्न नहीं, बल्कि मानवता और करुणा की भावना परोसी जाती है।” उन्होंने सहयोगियों व स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान भूखमुक्त समाज की दिशा में एक सतत प्रयास है।

संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस सेवा का उद्देश्य अकिंचन, निराश्रित एवं वंचित वर्ग के बच्चों तक पौष्टिक भोजन पहुँचाकर मानवता और सेवा भावना को सशक्त बनाना है।

आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और आत्मीय वातावरण ने इस अभियान को भावनात्मक ऊँचाई प्रदान की।

दीपक भुटियानी ने जानकारी दी कि संस्था के माध्यम से कोई भी व्यक्ति मात्र ₹501 के सहयोग से 51 बच्चों के लिए एक दिन का निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा सकता है।

सेवा अभियान में देवांश रस्तोगी, हीरा सिंह, नवल सिंह, संजय श्रीवास्तव, दीपक भुटियानी, आशीष श्रीवास्तव सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में स्थानीय समाजसेवी, गणमान्य नागरिक व बृज की रसोई परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अंत में सभी ने मानवता की इस सतत यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और यह संदेश दिया कि “सेवा ही उत्सव है, और करुणा ही सच्ची भक्ति।”

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages