<!--Can't find substitution for tag [blog.voiceofbasti.page]--> - Voice of basti

Voice of basti

सच्ची और अच्छी खबरें

Breaking

वॉयस ऑफ बस्ती में आपका स्वागत है विज्ञापन देने के लिए सम्पर्क करें 9598462331

Thursday, September 25, 2025

दो दिवसीय “पंचपदी अधिगम पद्धति अभ्यास कार्यशाला” का किया गया शुभारंभ

- भारतीय शिक्षा दर्शन और मनोविज्ञान पर आधारित है पंचपदी शिक्षण पद्धति : डी. रामकृष्ण राव

गोरखपुर। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा दो दिवसीय “पंचपदी अधिगम पद्धति अभ्यास कार्यशाला” का शुभारंभ आज सरस्वती शिशु मंदिर (10+2), पक्कीबाग में किया गया। इस कार्यशाला में दो क्षेत्रों पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं उत्तर पूर्व क्षेत्र ( बिहार, झारखण्ड ) के चयनित प्रशिक्षार्थी सम्मिलित हुए।
उपस्थित प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए डी. रामकृष्ण राव (उपाध्यक्ष विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान) ने कहा कि पंचपदी अधिगम पद्धति, एक अभिनव और वैज्ञानिक शिक्षण विधि है, जो भारतीय शिक्षा दर्शन और मनोविज्ञान पर आधारित है। यह पद्धति छात्रों को निष्क्रिय श्रोता से सक्रिय भागीदार बनाने पर केंद्रित है, जिससे स्थायी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल, रचनात्मकता और समाज-सेवा की भावना का विकास होता है। यह विधि पांच चरणों में अधिगम को संरचित करती है, जो जांच-आधारित शिक्षण पर आधारित है और विशेष रूप से STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित) विषयों के साथ-साथ सामान्य शिक्षण में प्रभावी है।
कार्यशाला में उपस्थित गोविन्द चन्द्र महंत (संगठन मन्त्री विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान) ने बताया कि पंचपदी पद्धति प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरित है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP) तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 (NCF) में भी इसे भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित और जीवनमूल्य-आधारित शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। यह पद्धति छात्रों के पंचकोशात्मक विकास अन्नमय कोश, प्राणमय कोश, मनोमय कोश, विज्ञानमय कोश, आनन्दमय कोश (शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक) विकास को बढ़ावा देती है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव होता है।
उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों में पंचपदी शिक्षण पद्धति को व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है। शिक्षकों को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से इसके लिए तैयार किया जा रहा है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन से प्रारंभ हुआ। मंचस्थ अतिथियों का परिचय राम सिंह जी (प्रदेश निरीक्षक शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रान्त) ने कराया मंचस्थ सभी अतिथियों का आभार डॉ. शैलेश कुमार सिंह (प्रांतीय मंत्री विद्या भारती गोरक्ष प्रांत) के द्वारा व्यक्त किया गया संचालन गोविन्द सिंह जी (प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख) ने किया। इस अवसर पर मा. हेमचंद्र जी (क्षेत्रीय संगठन मंत्री विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र) प्रो. रामदरस राय (अध्यक्ष विद्या भारती गोरक्ष प्रांत) दिनेश सिंह जी (क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रमुख), कमलेश सिंह (सह क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रमुख), जियालाल जी (प्रदेश निरीक्षक जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रान्त), कन्हैया चौबे (संभाग निरीक्षक), प्रधानाचार्य डॉ राजेश सिंह सहिय अनेको शिक्षाविद उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages