बस्ती। प्लास्टिक आज ऐसा प्रतीत होने लगा है, जैसे मानव की मूलभूत अवश्यकताओ में से एक हो, लेकिन इसका दुष्परिणाम ठीक विपरीत है, आज वह दौर आ गया है कि अगर हमे स्वच्छ पर्यावरण चाहिए तो कहीं न कही वृक्षों को लगाने एवम् संरक्षण के साथ -साथ सिंगल यूज प्लास्टिक्स एवम् पालीथीन को पूर्णतया त्यागना होगा, इसका प्रयोग पर्यावरण, जीव जगत एवम् मिट्टी की उर्वरा शक्ति के लिय उपयुक्त नहीं है, इसे जलाना भी अपने ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन रक्षक ओजोन परत में कालिख पोतना ही है, सरकार भी इसके लिए कानून बना रखी है,
ऐसे में विकास खंड बहादुरपुर के ग्राम पंचायत शेखपुरा में तैनात सफाई कर्मी सूरज चक्रवर्ती की लोगो को सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रति जागरुकता रंग ला रही है। वह प्लास्टिक कचरे से कलाकृतिया बनाने के साथ-साथ कचरे बेचकर ग्राम पंचायत के लिए आय भी अर्जित करता है। जागरुकता के कारण अब अधिकांश ग्रामीण अपने प्रयोग के बाद अपने घरों पर एकत्रित करने के बाद पालीथीन एवम् प्लास्टिक उसे दे देते है, जिसे लाकर अपने पंचायत भवन पर जमा करता है, और बिकने वाले प्लास्टिक को बेचकर गांव के आय का संसाधन बनाते हैं, जिससे जिला प्रशासन भी सूरज की तारीफ करता है।
सूरज ने बताया कि जुलाई माह विशेष संचारी रोग का माह है इसमें वेक्टर जनित रोगो के फैलने की संभावना ज्यादे रहती है, कभी-कभी घरों के आस -पास लोगो द्वारा फेंके गए पालीथीन एवम् प्लास्टिक की बोतलों में भी मच्छर अपना घर बना लेते है। कृपया ग्रामीण प्लास्टिक एवम् पालीथीन इधर उधर न फेंके उसे अपने घरों पर एकत्र कर अपने आर आर सी सेंटर पर जमा कर दें, और अपने गांव को कचरा मुक्त बनाने में अपना योगदान अवश्य दें।

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