बस्ती। भारतीय किसान यूनियन ‘भानु’ गुट के मण्डल प्रवक्ता चन्द्रेश प्रताप सिंह ने मण्डलायुक्त को पत्र देकर हर्रैया में नवनिर्मित 100 शैया युक्त महिला चिकित्सालय में शहरी आजीविका केन्द्र डूडा द्वारा सुचारूरूप से संचालन हेतु आउटसोर्सिग भर्ती में किये गये अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराते हुये दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही और भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नये सिरे से भर्ती कराये जाने की मांग किया है।
मण्डलायुक्त को दिये पत्र में चन्द्रेश प्रताप सिंह ने कहा है कि उनके संज्ञान में लाया गया है कि विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन चिकित्सा अनुभाग-1 के शासनादेश सं. 1014/5-1-2021-4 (1)/201 दिनांक 29 अक्टूबर 2021 में आउटसोर्स से स्वीकृति पद पर जिलाधिकारी द्वारा दी गयी स्वीकृति दिनांक 21-01-2024 व पत्र संख्या 01/डूडा /सी.एल.सी. / आउ./जी.ई.एम. / 2021-22 दिनांक 04.04.2022 में निहित सेवा शुल्क 4.5 पर दी गई सहमति पत्र सं. 598-1/आउ. चतुर्थ श्रेणी /2023-24 दिनांक 14.12.2023 में संलग्न व्यय विवरण के अनुसार मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाना था। इसमें तकनीकी पद हेतु 10 पद एवं गैर तकनीकी पद हेतु 32 पद सृजित किये गये थे। उक्त भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन न करते हुये शहरी आजीविका मिशन डूडा के प्रबन्धक एवं मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा अनियमितता और मनमानी की गई है।पत्र में कहा गया है कि उक्त भर्ती प्रक्रिया में जे0एम0 पोर्टल / वेबसाइट पर तकनीकी पद को नही डाला गया। केवल गैर तकनीकी पद को वेबसाइट पर लोड किया गया एवं तकनीकी पद की भर्ती में भारी धन उगाही करते हुए प्रबन्धक आजीविका मिशन डूडा एवं मुख्य चिकित्साधिकारी बस्ती ने गुप-चुप तरीके से कर दिया और वेबसाइट पर तकनीकी 10 पद को न डालते हुए केवल गैर तकनीकी 32 पद को ही डाला गया। उक्त भर्ती प्रक्रिया में भारी प्रष्टाचार एवं अनियमितता किया गया है। जो सरकार के जीरो टालरेन्स नीति का उल्लघन है।
भारतीय किसान यूनियन ‘भानु’ गुट के मण्डल प्रवक्ता चन्द्रेश प्रताप सिंह ने उक्त भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर समूचे मामले के उच्च स्तरीय जांच, दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई के साथ ही नये सिरे से पारदर्शी ढंग से नियुक्ति कराये जाने का आग्रह किया है।
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