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Thursday, February 8, 2024

एसबीआई बैंक से ऋण वितरण न किए जाने पर डीएम ने जताया असन्तोष

 - बैंकर्स ने कहा भवन नक्शा की फीस ज्यादा होने से नही करता कोई ऋण आवेदन


बस्ती। विभिन्न योजनाओं में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा ऋण वितरण ना किये जाने पर जिलाधिकारी अंद्रा वामसी ने असंतोष व्यक्त किया है तथा निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर मेरिट के आधार पर स्वीकृत या अस्वीकृत करें अन्यथा उनके विरूद्ध बिजिलेन्स जॉच करायी जायेंगी। कलेक्टेªट सभागार में आयोजित बैंक एवं विभागों की जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति एवं परामर्श समिति की बैठक में उन्होने कहा कि बैंक का 41.84 प्रतिशत ऋण जमानुपात बेहद कम है तथा अन्तिम त्रैमास में इसमें सुधार लायें।
समीक्षा में उन्होने पाया कि भारतीय स्टेट बैंक में प्रधानमंत्री रोजगार योजना में 34, खादी ग्रामोद्योग के 16, मुख्यमंत्री स्वतः रोजगार योजना में 19, मत्स्य केसीसी के 16, ओडीओपी मार्जिनमनी योजना में 6 ऋण आवेदन पत्र लम्बित है। बैंक का ऋण जमानुपात 35.6 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने इसमें सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने का निर्देश दिया है।
समीक्षा में उन्होने पाया कि वार्षिक ऋण योजना के अन्तर्गत कुल लक्ष्य रू0 3222 करोड़ के सापेक्ष रू0 2252 करोड़ ऋण वितरित किया गया है। कृषि क्षेत्र में रू0 2324 करोड़ के सापेक्ष रू0 726 करोड़ ऋण वितरण हुआ है, जबकि लघु, मध्यम, सूक्ष्म उद्योग (एमएसएमई) में 471 करोड़ के सापेक्ष 748 करोड़ कुल 158 प्रतिशत ऋण वितरण हुआ है। जिलाधिकारी ने शिक्षा ऋण तथा आवासीय ऋण कम होने पर असंतोष व्यक्त किया है। शिक्षा ऋण रू0 63 करोड़ के सापेक्ष मात्र 3.25 करोड़ तथा आवासीय ऋण रू0 170 करोड़ के सापेक्ष मात्र 11.89 करोड़ वितरित हुआ है।
जिलाधिकारी के पूछने पर बैकर्स ने बताया कि आवासीय ऋण देने के लिए बस्ती विकास प्राधिकरण से भवन का नक्शा पास होना अनिवार्य है और यहॉ पर शुल्क बहुत ज्यादा होने के कारण लोग नक्शा नही पास कराते है, इसलिए वे ऋण के लिए आवेदन भी नही करते है। जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष बस्ती विकास प्राधिकरण ने आश्वस्त किया है कि शुल्क कम करने के लिए बोर्ड की बैठक में उनके द्वारा प्रस्ताव रखा जायेंगा। उन्होने सभी बैंकर्स से अपील किया कि युवाओं की उच्च शिक्षा पूर्ण करने के लिए अधिक से अधिक शिक्षा ऋण वितरित करें।
किसान क्रेेडिट कार्ड की समीक्षा करते हुए कृषि एवं मत्स्य पालन के लिए वितरित केसीसी पर उन्होनेे संतोष व्यक्त किया। केसीसी 45301 नवीनीकरण तथा 36656 नये कुल 81957 कार्ड बनाकर 81.58 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गयी है। इसी प्रकार मत्स्य पालको के लिए भेंजे गये 132 में से 48 केसीसी बनाये गये है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत 21597 के सापेक्ष रू0 215.56 करोड़ स्वीकृत एवं वितरित किया गया है। इसके अन्तर्गत 10 लाख रूपये तक का ऋण शिशु, किशोर एंव तरून को बिना किसी कोलेटरल सिक्योरीटी के प्रदान किया जाता है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि आगामी 12 फरवरी को मुख्य सचिव कप्तानगंज ब्लाक के बढनी मिश्र गॉव में आयेंगे। वहॉ पर बैंकर्स स्टाल लगाकर सभी योजनओं में ऋण वितरण करायें। बैठक का संचालन लीड बैंक मैनेजर आर.एन. मौर्या ने किया। उन्होने कहा कि सभी बैंकर्स अपनी आरसी का मिलान कलेक्टेªट स्थित सीआरए अनुभाग से करा लें। बैंको का कुल 22 करोड़ रूपया की आरसी है। इसमें भारतीय रिजर्ब बैंक के मार्कण्डेय चतुर्बेदी, डीडीएम नाबार्ड मनीष कुमार, ईओ नगरपालिका सत्येन्द्र सिंह, उपायुक्त उद्योग हरेन्द्र प्रताप, मत्स्य के संदीप कुमार वर्मा, डूडा की सुनीता सिंह, अपर सांख्यिकी अधिकारी जीतेन्द्र गौतम, फसल बीमा के शिवकुमार तथा सभी बैंको के जिला समन्वयक उपस्थित रहें।

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