कीव। यूक्रेन भले ही रूस जैसी महाशक्ति से जंग शुरू होने के बाद से बर्बादी के मुहाने पर खड़ा है, मगर अब भी भ्रष्टाचार ने उसका पीछा नहीं छोड़ा है। रूस से जंग में काफी वाहवाही हासिल करने वाली यूक्रेनी सेना को अब शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद शुक्रवार को देश के हर इलाके में सेना की भर्ती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह हरकत देशद्रोह के दायरे में आ सकती है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ‘हम सभी क्षेत्रीय सैन्य कमिश्नरों को बर्खास्त कर रहे हैं।’
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि ‘यह सिस्टम उन लोगों के जरिये चलाया जाना चाहिए जो वास्तव में जानते हैं कि जंग क्या है और युद्ध के समय संशय और रिश्वतखोरी सबसे बड़े देशद्रोह क्यों है।’ यूक्रेन इस वक्त रूसी कब्जे वाले इलाकों पर फिर से कब्जा करने के लिए रूसी सेनाओं के खिलाफ जवाबी हमले के लिए अपनी बटालियनों में यूक्रेनी लोगों को भर्ती कर रहा है। समझा जाता है कि यह कदम यूरोपीय संघ जैसे पश्चिमी देशों के अनुरोध किए गए व्यापक सुधारों के हिस्से के रूप में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की यूक्रेन की कोशिशों को दिखाता है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक अलग बयान में कहा कि ‘क्षेत्रीय भर्ती केंद्रों के निरीक्षण के दौरान, कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया।’ बयान में कहा गया है कि ‘यूक्रेन की सामान्य लामबंदी एक प्रमुख क्षेत्र था, जिसमें निरीक्षकों ने बेईमानी की घटनाओं को उजागर किया था। ये यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और राज्य संस्थानों में भरोसे को कमजोर करता है।’ बयान में कहा गया है कि यूक्रेन की सुरक्षा परिषद ने सिफारिश की है कि सेना के प्रमुख ऐसे लोगों का चुनाव करें, जिनके पास युद्ध क्षेत्र का अनुभव हो और यूक्रेन की खुफिया सेवाओं से उनकी जांच कराई गई हो।
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