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Thursday, August 31, 2023

86 प्रतिशत लोगों ने खाई फाइलेरिया रोधी दवा, मॉप अप राउंड में आप भी खाएं

 - अभियान के दौरान दवा का सेवन न करने वाले लोगों को चिन्हित करके सेवन कराया जाय

- मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी ने अभियान में जुटे सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश

- दो सितम्‍बर तक चलेगा मॉप अप राउंड


संतकबीरनगर । फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जनपद में चलाए गए सर्वजन दवा सेवन ( एमडीए ) अभियान के दौरान दवा का सेवन न करने वाले लोगों को चिन्हित करके दवा का सेवन कराया जाय। सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता इस कार्य में पूरी ईमानदारी के साथ जुटें तथा जिले की समस्‍त 10 योजना इकाइयों के प्रभारीगण इस महत्‍वपूर्ण कार्य को पूरा कराएं। जिले में 86 प्रतिशत लोगों ने अब तक फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कर लिया है। दो सितम्बर तक ऐसे सभी लोगों को दवा से आच्छादित करना है, जिन्‍होंने फाइलेरिया से बचाव की दवाओं का सेवन नहीं किया है। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए यह बहुत ही आवश्यक पहलू है।  

मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी डॉ अनिरुद्ध कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में 20.48  लाख लोगों को फाइलेरिया की दवा का सेवन कराया जाना था। इसमें से 17.94 लाख लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जा चुका है।  करीब 86 प्रतिशत जनसंख्‍या को कवर किया जा चुका है। बाकी बचे लोगों को भी इस दवा का सेवन कराया जाना है। उन्होंने बताया अभियान के दौरान दवा खाने से छूटे लोगों के लिए मॉप अप राउंड चल रहा है। यह  दो सितम्बर तक चलेगा।

सीएमओ ने निर्देश दिया है कि मॉप अप राउंड की गतिविधियां सभी प्‍लानिंग इकाइयों में पूरी की जाय। सामुदायिक व प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के चिकित्‍साधिकारी इस कार्य को पूरा कराएं। दवा खाने से इनकार करने वाले परिवारों को ग्राम प्रधान का सहयोग लेकर दवा खिलवाएं। जिले को फाइलेरिया जैसी बीमारी से मुक्‍त कराने के लिए यह जरूरी है कि हम  अधिकाधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा  का सेवन कराएं।  यह एक ऐसा रोग है  जिससे मृत्यु तो नहीं होती है, लेकिन यह जीवन को  बोझ बना देता है। मादा क्‍यूलेक्‍स मच्छर इस रोग का वाहक होता है। फाइलेरिया रोधी दवा को खाकर  इस बीमारी से बच सकते हैं।  

गोरखपुर व बस्‍ती मंडल में पहले स्‍थान पर है जनपद  – डॉ पांडेय

एसीएमओ वेक्‍टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम डॉ वी पी पांडेय बताते हैं कि जिले के अधिकारियों तथा अभियान में जुटे सभी स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ताओं के सहयोग का ही नतीजा रहा कि जिले ने गोरखपुर और बस्‍ती मंडल में सबसे अधिक लोगों ने दवा का सेवन किया है। अब तक की कवरेज 86 प्रतिशत रही है। जिला स्‍तरीय अधिकारियों ने 889 तथा ब्‍लॉक स्‍तरीय अधिकारियों ने 3346 स्‍थलों पर जाकर टीम का सहयोगात्मक पर्यवेक्षण किया है। हमें इस कवरेज को 90 प्रतिशत से अधिक ले जाना है। मॉप अप राउंड में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर घर जाकर छूटे हुए परिवार के लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करा रही हैं। अगर किसी भी व्यक्ति ने दवा नहीं खाई हो तो वह मॉप अप राउंड के दौरान दवा का सेवन जरूर कर ले। इसके बावजूद अगर किसी के पास टीम नहीं पहुंचती है तो वह आशा कार्यकर्ता के घर जाकर दवा का सेवन आगामी दो सितंबर तक कर सकता है।

खाली पेट न करें दवा का सेवन – डॉ मुबारक

एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ मुबारक अली बताते हैं कि फाइलेरिया रोधी दवा खाली पेट नहीं खानी है। भोजन करके ही फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करें। गर्भवती, दो साल से कम आयु के बच्चों, गंभीर रूप से बीमार लोगों को यह दवा नहीं देनी है। हालांकि साल भर से लेकर दो साल के बच्चों को केवल पेट से कीड़े निकालने की दवा की  दी जा रही है। आशा कार्यकर्ता दवा किसी को देकर नहीं आएंगी, बल्कि अपने सामने ही दवा खिलाएंगी।

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