नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ लोकसभा में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आज से चर्चा शुरू होगी। तीन दिन तक चलने वाली बहस का जवाब गुरुवार को पीएम मोदी दें सकते हैं। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने के बाद वह विपक्ष की तरफ से चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं। इस बीच चर्चा के दौरान बुधवार को गृहमंत्री अमित शाह हस्तक्षेप कर मणिपुर मुद्दे को लेकर सवालों का जवाब दे सकते हैं।
बता दें कि मोदी सरकार के खिलाफ मौजूदा कार्यकाल में आने वाला यह पहला अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले साल 2018 में मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में भी एक बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। अविश्वास प्रस्ताव पर आज दोपहर 12 बजे से चर्चा शुरू होगी, जो शाम 7 बजे तक चलेगी। बुधवार को भी दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक चर्चा होगी। वहीं गुरुवार की शाम 4 बजे पीएम मोदी के बहस का जवाब देने की संभावना है। चर्चा की शुरुआत के लिए कांग्रेस के गौरव गोगोई का नोटिस स्वीकार हुआ है। इसके चलते वह प्रस्ताव पेश करेंगे। लेकिन अगर वह चाहें तो अपनी जगह राहुल गांधी को बहस की शुरुआत करने का मौका दे सकते हैं।
बता दें कि बीते 26 जुलाई को लोकसभा ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। इस सप्ताह अविश्वास प्रस्ताव समेत महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपने लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी कर 7 अगस्त से 11 अगस्त तक सदन में मौजूद रहने को कहा है। एनडीए दल सोमवार को अपने वक्ताओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में थे। सूत्रों ने कहा कि श्रीकांत शिंदे और राहुल शेवाले शिवसेना (शिंदे) समूह से वक्ता होंगे। चिराग पासवान (एलजेपी) और अनुप्रिया पटेल (अपना दल) के अन्य प्रमुख वक्ता होने की संभावना है।
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