लखनऊ। बख्शी का तालाब तहसील सभागार में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवम राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वाधान में महिलाओं के हित संरक्षण कानून सम्बन्धी विधिक साक्षरता व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शुक्रवार को दोपहर बाद शुरू हुई इस संगोष्ठी में डा. स्मिता सिंह के द्वारा शिविर में आई हुई सभी महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर मुफ्त में दवाईयां बांटी गई। मुख्य विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे अपर जनपद न्यायाधीश सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण सतेंद्र सिंह ने महिलाओं को अधिकारों के बारे में बताया।
जिसमें समान वेतन का सामान अधिकार, किसी भी महिला के द्वारा उत्पीड़न को लेकर जागरूकता, घरेलू हिंसा के खिलाफ अधिकार,मातृत्व संबंधी लाभ के लिए, महिलाओं को रात्रि में गिरफ्तार न करने के संबंध में, गरिमा और शालीनता के लिए अधिकार, संपत्ति के अधिकार व पोश अधिनियम 2013 कार्यक्रम महिलाओं के सुरक्षा प्रदत्त करने के लिए बनाया गया है। मुख्य अतिथि श्याम मोहन अपर जनपद न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने जानकारी देते हुए कहा कि महिला सुरक्षा कानून के बारे में बात की जाए तू रात हो जाएगी फिर भी महिलाओं के सुरक्षा को लेकर बनाए गए कानून खत्म नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विश्व में कानून बना है। लेकिन महिलाओं में जागरूकता की आवश्यकता है।
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