लखनऊ। बिजली उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अपनी लचर कार्य प्रणाली के चलते उपभोक्ताओं का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से अधिकारियों की खराब कार्यशैली की जानकारी मिलती रहती है। जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। प्रदेश का ऊर्जा विभाग ऐसे कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा, जो विभाग की छवि धूमिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर व सही बिल देना विद्युत कार्मिकों की नैतिक जिम्मेदारी है। इस कार्य से वे दूर नहीं भाग सकते हैं। उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान एवं उत्पीड़न करना विभाग के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि बड़े बकायेदारों से वसूली न करने वाले विद्युत कार्मिकों के कार्यों की भी विभाग हित में निगरानी की जायेगी।ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने प्रयागराज के कुछ प्रीपेड उपभोक्ताओं को आरसी जारी किये जाने की समाचार पत्र में छपी खबर के प्रकरण के सम्बंध में मुख्य अभियंता संजय वर्मा द्वारा कार्मिकों के खिलाफ की गयी कार्रवाई के सम्बंध में ऊर्जा मंत्री को भेजी गयी रिपोर्ट का संज्ञान लेकर इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि कार्मिकों की लापरवाही एवं गैर जिम्मेदारी पूर्ण कार्यों से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। यह बहुत ही गम्भीर बात है और इसे हर हालत में ठीक करना है।इसी क्रम में ऊर्जा मंत्री ने उच्चाधिकारियों को इस बात के लिए फटकार लगाई है कि छोटे उपभोक्ता जो कि मुश्किल से एक बल्ब जला पाते हैं, उनको एक - एक लाख रूपये तक का फर्जी बिल पहुंचाया जा रहा है और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा रही है, जो कि पूर्णतः गलत है। उन्होंने बिलिंग की इस पूरी गड़बड़ व्यवस्था को ठीक करने के लिए उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया है।
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