बस्ती। बस्ती, सिद्धार्थनगर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र, विधान परिषद हेतु स्वतंत्र एंव निष्पक्ष मतदान के लिए पारदर्शी ढंग से कार्य करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी/प्रभारी कार्मिक निर्वाचन डा. राजेश कुमार प्रजापति ने पीठासीन अधिकारी, जोनल एंव सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया है। उन्होने बताया है कि दृष्टिबाधित एंव निरक्षर मतदाता की पहचान निर्वाचन अधिकारी द्वारा मतदाता सूची में की जायेंगी। केवल उन्ही चिन्हित मतदाताओं को पीठासीन अधिकारी आवश्यक घोषणा पत्र भरवाकर सहयोगी की अनुमति देंगे। सहयोगी मतदाता की उम्र 18 वर्ष से कम नही होनी चाहिए। एक बार सहयोगी का कार्य करने के बाद दूसरे मतदाता के साथ उसको अनुमति नही दी जायेंगी। पीठासीन अधिकारी उस सहयोगी व्यक्ति से इस आशय का घोषणा निर्धारित प्रारूप पर लिया जायेंगा।
उन्होने कहा कि जोनल एंव सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं आदर्श आचार संहिता अनुपालन कराने के लिए उत्तरदायी होंगे। मतदान केन्द्र के 200 मीटर के भीतर कोई वाहन प्रवेश नही करेंगा। मतदान केन्द्र के अन्दर केवल निर्वाचन आयोग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति प्रवेश पा सकेंगे। कोई भी निर्वाचित प्रतिनिधि मतदान एजेण्ट नही बन सकेंगा। मतदाता सूची में नाम न होने पर कोई भी व्यक्ति मतदान नही कर पायेंगा। इस मतदान में अमिट स्याही का प्रयोग नही किया जायेंगा।
उन्होने कहा कि माइक्रो आब्जर्वर पूरी मतदान प्रक्रिया को आबजर्व करेंगे तथा किसी प्रकार के विचलन होने पर इसकी सूचना सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट को देंगे। मतदान समाप्त होने पर उनके द्वारा एक रिपोर्ट आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक को उपलब्ध करायी जायेंगी। जिला प्रशिक्षण अधिकारी डा. विवेक ने सम्पूर्ण मतदान प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दिया। उन्होने बताया कि पीठासीन अधिकारी अपनी डायरी नियमित रूप से भरते रहेंगे तथा मतदान के दौरान प्रत्येक घटना का जिक्र उसमें करेंगे। मतपत्र एवं उसके काउण्टर फाइल के पीछे सुभिन्नक चिन्ह की मुहर लगायेगे तथा केवल मतपत्र के पीछे हस्ताक्षर करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान सभी जोनल, सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पीठासीन अधिकारी उपस्थित रहें।

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