- 1989, 1993, 2002 और 2007 भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे अम्बिका करना पड़ा था हार का सामना
| अंबिका सिंह |
बस्ती। कांग्रेस ने कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक अंबिका सिंह को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के टिकट पर वह 1980 व 1985 में भी विधायक चुने गए थे। वह 1989, 1993, 2002 और 2007 भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। लगातार चार चुनाव हारने वाले अम्बिका सिंह को कांग्रेस ने एक बार फिर कप्तानगंज से अपना उम्मीदवार बना लगड़े घोड़े पर दॉव लगाया है।
कप्तानगंज से भाजपा ने दुवारा अपने मौजूदा विधायक चन्द्र प्रकाश शुक्ला को प्रत्यासी बनाया वहीं बसपा ने जहीर अहमद ’जिम्मी’ को और समाजवादी पार्टी ने कवीन्द्र चौधरी ‘अतुल’ को अपना प्रत्यासी बनाया है। देखा जाय तो कांग्रेस अपनी कप्तानगंज विधानसभा की सीट को पहले ही लगातार हारने वाले को देकर अपनी हार सुनिस्चित कर ली है क्योंकि भाजपा के प्रत्यासी चन्द्र प्रकाश शुक्ला जहॉ प्रदेश और केन्द्र की भाजपा सरकार के कार्यों को बता अपने जितने का दावा कर रहे हैं। बसपा के जहीर अहमद कप्तानगंज में रहते हुए लगातार लोगों से सम्पर्क बना रहे हैं। उनका अल्पसंख्यकों में अच्छी पकड़ का है उसके साथ बहुजन समाज पार्टी के कैडर वोट भी उनके साथ माना जा रहा है। वहीं पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी जो कप्तानंगज से विधायक भी रहे हैं के पुत्र कवीन्द्र चौधरी ’अतुल’ चुनावी मैदान में हैं। अभी भी माना जाता है कि कुर्मी क्षत्रप कहे जाने वाले राम प्रसाद चौधरी की कप्तानगंज में अच्छी पकड़ है। ऐसे में कांग्रेस प्रत्यासी अम्बिका सिंह इन तीनों प्रत्यासीयों के सामने कहीं नहीं टिकते। 1989 में र्निदल किंकर सिंह वहीं 1993, 2002, 2007 में राम प्रसाद चौधरी ने जीत दर्ज की थी। आज एक बार फिर राम प्रसाद चौधरी के पुत्र चुनावी मैदान में अम्बिका सिंह के सामने चुनावी मैदान में हैं।
कप्तानगंज में चर्चा तो यह भी है कि कांग्रेस के पास कप्तानगंज से कोई मजबूत व्यक्ति का आवेदन न होने के कारण चार चुनाव हारने वाले अम्बिका सिंह अपनी किस्मत की वजह से टिकट पा गये। क्योंकि कभी कांग्रेस में रहे दमदार नेता राना कृष्ण किंकर सिंह ने पार्टी को छोड़ दिया है। कहा तो यह भी जा रहा कि कभी भी कप्तानगंज के किसी समस्या को इन पॉच सालों में न उठाने वाले अम्बिका सिंह जनता कि सेवा या क्षेत्र के विकास के लिए नहीं अपितु अपने विकास के लिए चुनाव लड़ रहे।
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