<!--Can't find substitution for tag [blog.voiceofbasti.page]--> - Voice of basti

Voice of basti

सच्ची और अच्छी खबरें

Breaking

वॉयस ऑफ बस्ती में आपका स्वागत है विज्ञापन देने के लिए सम्पर्क करें 9598462331

Monday, February 28, 2022

मतदाता जागरूकता के लिए मानव श्रृंखला में छात्रों का आया चक्कर

- आखिर नाबालिग छात्रों से कैसे आयेगी मतदाता जागरूकता 

- प्रशासन जागरूकता के लिए स्कूल के नाबलिग छात्रों की जगह अपने कर्मचारियों, स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं और गणमान्य नागरिकों से क्यों नहीं बनवाता मानव श्रृंखला 

- कब तक प्रशासन के दबाव में सरकारी कार्यक्रमों में बच्चों को भेजते रहेंगे स्कूल प्रबंधक


बस्ती। शतप्रतिशत मतदान के लिए मतदाता जागरूकता हेतु कई कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्ही प्रयासों में मानव श्रृंखला बनाकर मतदाता जागरूकता का प्रयास किया गया। मानव श्रृंखला के लिए विभिन्न स्कूल के छात्र छात्राओं को बुलाया गया था। इस मानव श्रृंखला में खड़े विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं में कई बच्चों को काफी देर तक खड़े होने की वजह चक्कर आ गया। बताया जा रहा कि मानव श्रृंखला के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों का स्कूल प्रबंधकों पर छात्रों को भेजने का दबाव था। जिससें न चाहते हुए भी स्कूल प्रबंधकों को अपने स्कूल के छात्रों को मानव श्रृंखला के लिए भेजना पड़ा। सवाल यह उठता है कि ये नाबालिग छात्र-छात्रा क्या इस निर्वाचन का हिस्सा हैं जो उनको पढ़ाई से दूर कर घण्टों सड़कों पर खड़ा कर दिया जाता है। आखिर कब तक सरकारी कार्यक्रमों में छात्रों को इस्तेमाल किया जाता रहेगा। 

मतदाता जागरूकता के लिए मानव श्रृंखला में कई छात्रों को चक्कर आने की जानकारी होने पर जब बीएसए जगदीश शुक्ला से बात की गयी तो उन्होने कहा कि आप मुझसे नहीं डीआईओएस से बात करीये। डीआईओएस डी एस यादव के सीयूजी नम्बर 9454457350 पर जब बात की गयी और पूछा गया कि इन छात्रों को पढ़ाई से दूर कर मतदाता जागरूकता के लिए सड़कों पर क्यों खड़ा कर दिया गया। जबकि ये नाबालिग छात्र छात्रायें तो मतदेने के योग्य ही नहीं अभी बात पूरी ही नहीं हुई कि उनके द्वारा फोन डिस्कनेक्ट कर दिया गया। 

सवाल उठता है कि उन नाबलिग छात्र-छात्राओं को शिक्षा से विरत कर घण्टों सड़क पर खड़ा करने से कौन सी जागरूकता आयेगी और मत प्रतिशत बढ़ेगा। यदि मतदाता जागरूकता के लिए मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को मतदान के लिए जागरूक ही करना है तो प्रशासन अपने सरकारी कर्मचारियों, स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं और समाज के नागरिकों से मानव श्रृंखला बनाकर जागरूकता का संदेश क्यों नहीं देता जबकि ये सभी खुद एक मतदाता हैं। 

 

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages