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Friday, March 5, 2021

होगा विकास, ग्रामीण तैयार करेंगे विलेज मेनिफेस्टो

 - मांडल गांव के सहारे देश में खुशहाली लाने की तैयारी

- मेनिफेस्टो में विकास, रोजगार, स्वास्थ्य के मुद्दे होंगे शामिल

बस्ती। मॉडल गांव के सहारे हर गांव में विकास कर व गांव वालों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए अनूठी पहल पर गंभीरता से विचार चल रहा है। प्रदेश सरकार की सोच  है कि अगर देश को विकसित और खुशहाल बनाना है तो सबसे पहले अपने गांवों का चतुर्दिक विकास करना होगा। भारत सही अर्थो में गांव में ही बसता है। 

इसी सोच को साकार करने और इसे धरातल पर उतारने में आईसीआईसीआई फाउंडेशन के सहयोग से प्रदेश की एक पूरी टीम दिन-रात काम कर रही है । इस नवप्रयोग के प्रेरक (मेंटर) ग्राम्य विकास विभाग में तैनात आईएएस अधिकारी हीरा लाल ने इसके लिए खाका तैयार किया है। 

उनका कहना है कि बांदा के जिलाधिकारी के तौर पर तैनाती के दौरान वह मॉडल गांव बनाने की पहल कर चुके हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले। इसी से उत्साहित होकर इस नवप्रयोग को अब पूरे प्रदेश में लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कुछ संगठन और अधिकारी आगे आए हैं। 

गांव में बनेगा विलेज मेनिफेस्टो

इस पहल के तहत सर्वप्रथम गांव घोषणा पत्र (विलेज मेनिफेस्टो) बनाया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को इस सोच के बारे में अवगत कराया जाएगा। गांव में विकास का एजेंडा स्थापित कर और चेंज मेकर तैयार कर सर्वांगीण विकास किया जा सके।  अभी पूरा जोर हर विलेज मेनीफेस्टो को हर सदस्य तक पहुंचाने, हर गांव में विलेज चेंज मेकर तैयार करने और गांव स्तर पर किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाने पर पूरा जोर है।

क्या है विलेज मेनिफेस्टो

विलेज मेनिफेस्टो अर्थात गांव घोषणा पत्र का मुख्य उद्देश्य इसके माध्यम से गांव में विकास का एजेंडा स्थापित कर और चेंजमेकर तैयार कर सर्वांगीण विकास करना है। इसके अलावा इसमें उन मूलभूत सुविधाओं को शामिल किया गया है, जो उसे मॉडल गांव की श्रेणी में शामिल कर सके, और गांव मेंखुशहाली ला सके। 

यह प्रमुख बिन्दु होंगे शामिल

गांव की सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करना, गांव में कोई भी अनपढ़ न हो, इलाज- दवा के साथ योगा की व्यवस्था, बिजली भरपूर मात्रा में मिले खासकर सोलर वाला गाव बनाने पर जोर हो, पेयजल व सिंचाई के लिए पानी की बेहतर व्यवस्था, रोजगार यानि सभी हाथ को काम पर जोर, गांव में संवाद तंत्र यानी आधुनिक इंटरनेट की सुविधा, उत्पादों को बेचने की अच्छी व्यवस्था, जैविक उत्पाद को प्राथमिकता, गांव को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, विवाद रहित खुशहाली वाले गांव की सोच विकसित करना, गांव का नियम और लेखा का रखरखाव, बायोडाटा-प्रोफाइल तैयार करना, किसान उत्पादक संगठन (ऍफ़पीओ) बनाना, कुपोषण को ख़त्म करने पर जोर, वृक्षारोपण, खेल, कला व संस्कृति का विकास, महिला विकास

प्रेरणा का काम करेगी बदलाव की कहानी

देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के मॉडल गांव बनाने की दिशा में अग्रसर कुछ युवाओं और किसानों की प्रेरक कहानियों का भी इसके लिए सहारा लिया जाएगा। इसी तरह की एक प्रेरक लघु फिल्म है गुजरात के पुनसारी गांव के हिमांशु पटेल की। इनके द्वारा अपने गांव को मॉडल गांव बनाने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताकर लोगों को इस पहल से जोड़ने का प्रयास होगा। हिमांशु पटेल के गांव को देखने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुँच रहे हैं। हिमांशु की कहानी हर किसी को प्रेरित करने वाली है। इसी तरह से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के देवी शरण वर्मा द्वारा केले की खेती से गांव में खुशहाली लाने की कहानी भी लोगों के लिए प्रेरणा का काम कर रही है।

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