गोरखपुर। राजकीय सिविल पेंशनर्स प्रकोष्ठ ने ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में आ रही दिक्कतों पर चिंता जताते हुए सरकार से पुरानी ऑफलाइन प्रणाली तत्काल बहाल करने की मांग की है। प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों का कहना है कि पोर्टल की तकनीकी समस्याओं और प्रतिपूर्ति राशि मिलने में देरी से बुजुर्ग एवं गंभीर रूप से बीमार पेंशनरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार को रामजानकी नगर स्थित प्रकोष्ठ के कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष डॉ. जे.पी.एल. ने की, जबकि संचालन संयोजक रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ऑनलाइन आवेदन और फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया सुचारु नहीं होने से पेंशनरों को अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ रही है। साइबर कैफे के माध्यम से आवेदन कराने पर मनमाना शुल्क वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
डॉ. जे.पी.एल. और रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि समय पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि नहीं मिलने से गंभीर बीमारियों से पीड़ित पेंशनरों के इलाज में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने सरकार से सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था तत्काल लागू करने की मांग की, ताकि जरूरतमंदों को समय से आर्थिक सहायता मिल सके।
बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में ओपीडी और सभी आवश्यक जांचों को शामिल करने तथा एक घंटे के भीतर उपचार की स्वीकृति देने का स्पष्ट प्रावधान करने की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिजनों को इलाज के लिए अपनी जेब से भुगतान न करना पड़े, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में संतोष कुमार, चंद्रभान सिंह, अशोक पांडेय, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, रामचंद पांडेय, शब्बीर अली, सुभाष पांडेय, रामचंद्र दुबे तथा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारी मदन मुरारी, पंडित श्याम नारायण, अनूप श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, राजेश मिश्रा और रामधनी पासवान मौजूद रहे।

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