वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत बुधवार को रेलवे अधिकारी क्लब में ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय पर सतर्कता सेमिनार आयोजित किया गया। महाप्रबंधक उदय बोरवणकर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान सतर्कता विभाग की वार्षिक पत्रिका ‘शुचि दर्पण’ के 36वें संस्करण का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, अपर महाप्रबंधक विनोद कुमार शुक्ल, सेवानिवृत्त महाप्रबंधक राजीव मिश्र और एम्स गोरखपुर के प्रो. डॉ. अशोक जाह्नवी प्रसाद ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने कहा कि कार्यों में अनावश्यक देरी भ्रष्टाचार को जन्म देती है। उन्होंने रेलकर्मियों से सेवा भाव के साथ जिम्मेदारी निभाने और निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारियों और पर्यवेक्षकों में सत्यनिष्ठा की भावना विकसित करना जरूरी है, ताकि पूर्वोत्तर रेलवे की छवि बेहतर बनाई जा सके।
अपर महाप्रबंधक विनोद कुमार शुक्ल ने नैतिक मूल्यों और सामाजिक कल्याण को सत्यनिष्ठा का आधार बताया। वरिष्ठ उप महाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी आदर्श खरे ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस सतर्कता विभाग की प्राथमिकता है। कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए ईमानदारी आवश्यक है।
सेवानिवृत्त महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने रेलवे की कार्यप्रणाली में ऑनलाइन व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर बल दिया। उन्होंने निविदा आवंटन प्रक्रिया में सुधार के सुझाव भी दिए। वहीं, प्रो. डॉ. अशोक जाह्नवी प्रसाद ने कहा कि भ्रष्टाचार को नजरअंदाज करना भी उसे बढ़ावा देना है। गलत कार्यों का विरोध और सामाजिक जागरूकता इसके नियंत्रण के लिए जरूरी है।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने अपने विचार रखे। संचालन रचना श्रीवास्तव ने किया तथा कृष्ण चन्द्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर रेलकर्मियों और उनके परिजनों के लिए ऑनलाइन ड्राइंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

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