गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की गोरखपुर शाखा ने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधाओं, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और अन्य मामलों में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समस्याओं की अनदेखी होने पर आंदोलन किया जाएगा।
परिषद के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था के चलते पेंशनरों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि पेंशनरों को इस व्यवस्था से राहत दी जाए और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्ति के बाद कैशलेस चिकित्सा कार्ड तथा चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ मिले। उन्होंने कैशलेस उपचार के दायरे में ओपीडी, जांच और संपूर्ण इलाज को शामिल करने, अस्पतालों का भुगतान समय से सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों को वास्तविक चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति देने की मांग भी उठाई। साथ ही पीजीआई की दरों में संशोधन और चिकित्सा प्रतिपूर्ति को आयकर के दायरे से बाहर रखने की मांग की।
परिषद के पदाधिकारियों अशोक पांडेय, पंडित श्याम नारायण और सौरभ श्रीवास्तव ने बेसिक शिक्षा विभाग में वर्षों से कार्यरत संविदा लेखाकारों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि करीब 16 वर्षों से सेवा दे रहे लेखाकारों को 10,821 रुपये और कंप्यूटर ऑपरेटरों को 9,615 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। संगठन ने उनके पद सृजित कर विनियमितीकरण करने, समान कार्य के लिए समान वेतन देने तथा ईपीएफ, ईएसआई, कैशलेस चिकित्सा और अवकाश जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
अनूप कुमार श्रीवास्तव ने आईटीआई चरगांवा में अनुदेशक के पद पर कार्यरत श्रीमती विनीता सिंह को नवनिर्मित आवास आवंटित कराने के लिए जिला प्रशासन से आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। वहीं, सुबोध पांडेय ने परिषद के संरक्षक आलोक कुमार पांडेय के परिजन की मोटरसाइकिल को बाइक बाजार फाइनेंस के रिकवरी एजेंटों द्वारा कथित तौर पर मारपीट कर जबरन छीनने का मामला उठाया। उन्होंने संबंधित शाखा प्रबंधक एवं दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
परिषद के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जरूरी है। चिकित्सा सुविधाओं से लेकर संविदा कर्मियों के सेवा संबंधी अधिकारों तक, सभी मांगों पर शासन-प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर परिषद आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान रूपेश श्रीवास्तव, अशोक पांडेय, पंडित श्याम नारायण, अनूप श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, राजेश मिश्रा, रामधनी पासवान, सुभाष पांडेय, नरेंद्र द्विवेदी और राहुल श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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