वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। रेल यात्रियों और कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे में पेयजल गुणवत्ता की नियमित और सघन जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों और कॉलोनियों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, फिल्टर, टैप, पाइप लाइनों तथा अन्य वितरण बिंदुओं की लगातार निगरानी और रखरखाव किया जा रहा है।
स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, जीवाणु संवर्धन परीक्षण और रासायनिक विश्लेषण किए जा रहे हैं। लखनऊ मंडल के 12 प्रमुख स्टेशनों और चार मुख्य आवासीय कॉलोनियों में कुल 124 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण तथा दो जीवाणु संवर्धन परीक्षण किए गए। जांच में सभी जल नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप फिट पाए गए।
वाराणसी मंडल में स्टेशनों, कॉलोनियों, कोचिंग डिपो, चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, रनिंग रूम, क्रू लॉबी और कार्यालयों में पेयजल व्यवस्था की जांच की गई। वहीं इज्जतनगर मंडल के विभिन्न स्टेशनों और कॉलोनियों में भी अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किए गए, जिनमें पानी निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। जीवाणु संवर्धन परीक्षण के लिए नमूने भी लिए गए।
रेल प्रशासन के अनुसार यात्रियों और कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए यह जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।

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