गोरखपुर। ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत पूर्वोत्तर रेलवे में मंगलवार को ‘स्वच्छता से समृद्धि’ थीम पर कबाड़ से जुगाड़ और कबाड़ से कला गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान रेलवे के अनुपयोगी सिग्नलिंग उपकरणों, कोच के पुराने पुर्जों, लोहे के टुकड़ों, नट-बोल्ट, शीट और अन्य स्क्रैप सामग्री को उपयोगी वस्तुओं एवं आकर्षक कलाकृतियों में बदला गया।
गोरखपुर के कोचिंग डिपो में कर्मचारियों ने कबाड़ सामग्री का रचनात्मक उपयोग करते हुए हवाई जहाज और बतख की आकर्षक कलाकृतियां तैयार कीं। वहीं इज्जतनगर मंडल के यांत्रिक कारखाने के बेसिक ट्रेनिंग सेंटर में आईटीआई एक्ट अप्रेन्टिस प्रशिक्षुओं ने स्क्रैप से दरियाई घोड़ा, बटरफ्लाई झूला और जिराफ जैसी कलाकृतियां बनाईं। इन प्रयासों को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ और ‘वेस्ट टू बेस्ट’ की सोच का उदाहरण बताया गया।
लखनऊ मंडल के विभिन्न स्टेशनों और रेल परिसरों में भी स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यात्रियों, रेलकर्मियों और आम लोगों को कचरे के पुन: उपयोग, रीसाइक्लिंग और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कासगंज, टनकपुर, काठगोदाम और रामनगर डिपो में भी स्क्रैप सामग्री का रचनात्मक रूपांतरण किया गया।
वाराणसी मंडल में स्टेशन एप्रोच मार्ग, यार्ड, रेलवे कॉलोनियों और ट्रैक किनारे चिन्हित ‘गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स’ पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। ‘बेस्ट फ्रॉम वेस्ट’ और ‘आर्ट फ्रॉम वेस्ट’ गतिविधियों के माध्यम से बेकार सामग्री को उपयोगी और कलात्मक वस्तुओं में बदला गया। सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ यात्रियों को बॉटल क्रशर मशीन के उपयोग की जानकारी दी गई। रेलवे परिसरों में पानी की जांच कर स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के महत्व के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।


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