वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। यूजीसी के नए कानून की वापसी समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर मेधा पार्टी का गांधी कला भवन परिसर स्थित बापू प्रतिमा के निकट चल रहा धरना बुधवार को नौवें दिन भी जारी रहा। धरने में पार्टी पदाधिकारियों, सदस्यों और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लेकर शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी गरीबों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार दिलाने के अभियान को लगातार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आर्थिक स्थिति के कारण किसी भी विद्यार्थी को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
पार्टी की प्रमुख मांगों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एकल पदों पर आरक्षण व्यवस्था समाप्त करना, यूजीसी रेग्यूलेशन 2026 को वापस लेना, दशमोत्तर कक्षाओं में सभी जातियों के विद्यार्थियों को आर्थिक आधार पर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति की सुविधा देना शामिल है। इसके अलावा निजी स्कूलों में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया को सरल बनाने, शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में समान अवसर सुनिश्चित करने तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के गरीब विद्यार्थियों को दशमोत्तर कक्षाओं में निजी शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में निःशुल्क प्रवेश देने की मांग की गई।
दीन दयाल त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेधा पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा और उनके अधिकार दिलाने के लिए पार्टी आंदोलन को और मजबूती प्रदान करेगी।
धरने के नौवें दिन उमेश पाण्डेय मुन्ना, पं. सुनील भट्ट, संतोष शुक्ल, विशाल सिंह, अंकित सिंह, रवि शुक्ल, कार्तिकेय तिवारी, गिरीश चन्द्र गिरी, नागेन्द्र मिश्र, दीपक, अजय कुमार चौधरी, राहुल त्रिपाठी, जावेद अहमद, विपुल सिंह, संतोष कुमार पाण्डेय, रामरीका पाण्डेय, विजय कुमार पाल, दिनेश कुमार चौधरी सहित मेधा पार्टी के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।

No comments:
Post a Comment