जनपद में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान कुल 201 किसानों को पीएम-कुसुम योजना का लाभ मिला है। सोलर पंप के माध्यम से किसान सूर्य की रोशनी का उपयोग कर दिन में खेतों की सिंचाई कर सकते हैं। इससे बिजली आपूर्ति पर निर्भरता कम होने के साथ सिंचाई की सुविधा भी बढ़ती है।
कृषि में सिंचाई सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल है। डीजल पंप से सिंचाई करने पर किसानों को लगातार ईंधन पर खर्च करना पड़ता है, जबकि बिजली से संचालित पंपों के लिए विद्युत आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में सौर ऊर्जा आधारित पंप किसानों को वैकल्पिक और टिकाऊ ऊर्जा का साधन उपलब्ध करा रहे हैं।
पीएम-कुसुम योजना का उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ कृषि में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी है। सोलर पंप लगने से सिंचाई के लिए डीजल की आवश्यकता कम होती है, जिससे किसानों को ईंधन खर्च में राहत मिलने और खेती की कुल लागत घटने की संभावना रहती है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को योजना की जानकारी देने तथा पात्र किसानों को इसका लाभ दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच पीएम-कुसुम योजना को खेती को अधिक टिकाऊ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। दो वर्षों में 201 किसानों तक योजना का लाभ पहुंचना जिले में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई के विस्तार की दिशा में अहम कदम है।

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