गोरखपुर। बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस ने सराहनीय पहल करते हुए दो नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया। पुलिस की तत्परता से दोनों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके संरक्षण एवं पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन में थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की टीम द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान थाना रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित देवरिया बाईपास पर दो नाबालिग बच्चे काम करते हुए मिले। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया और थाना एएचटी लाकर आवश्यक पूछताछ की।
इसके उपरांत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचना दी गई। सूचना पर सिटी चाइल्ड लाइन गोरखपुर के प्रतिनिधि निलेश कुमार कश्यप (केस वर्कर) एवं धर्मेंद्र कुमार यादव (सुपरवाइजर) मौके पर पहुंचे। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किए जाने हेतु उनके सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। बाल श्रम के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा बच्चों के अधिकारों का हनन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को बाल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा।

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