बस्ती। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अधिकारी, कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मी अपनी लंबित मांगों को लेकर 8 जून को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यह आह्वान आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन ने किया है। संगठन के अनुसार पिछले महीने 1 मई से विभिन्न मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आफिसर्स एसोसिएशन (अरेबिया) के महासचिव विक्रम कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पदोन्नति नियमावली में संशोधन, सेवा और अवकाश नियमों में सुधार, परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआइ) का क्रियान्वयन, स्थानांतरण नीति का युक्तिसंगतकरण, कैजुअल कर्मचारियों का नियमितीकरण, रिक्त पदों पर भर्ती और वेतन-भत्तों व अन्य सुविधाओं में समानता शामिल हैं। बताया कि इन मांगों को लेकर वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), भारत सरकार, नाबार्ड और अन्य संबंधित अधिकारियों के समक्ष कई बार प्रतिनिधित्व किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। इसी के चलते कर्मचारियों को हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा।
संगठन का दावा है कि देश के 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के एक लाख से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनभोगी इस आंदोलन से जुड़े हैं। हड़ताल के कारण देशभर की 22,700 से अधिक शाखाओं का कामकाज प्रभावित हो सकता है। संगठन ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने और ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की अपील की है। साथ ही संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली में बड़े धरना-प्रदर्शन की भी घोषणा की गई है।

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