महादेवा, बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र में एक वर्ष से चल रहा भूमि विवाद मंगलवार को हिंसक संघर्ष में बदल गया। एसडीएम के आदेश पर कई बार पैमाइश और सीमांकन होने के बावजूद विवाद नहीं सुलझा और दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले, जिससे कई लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल मोनू उर्फ मुहम्मद समीम को उपचार के लिए भेजा गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, मोनू उर्फ मुहम्मद समीम व सूफिया खातून का मिथिलेश, चिंताहरण और चंदन पक्ष से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। राजस्व विभाग द्वारा कई बार पैमाइश और सीमांकन किए जाने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रशासनिक आदेशों के बाद भी विपक्षी पक्ष विवादित भूमि पर अपना दावा जताते हुए निर्माण कार्य में बाधा डालता रहा। नाली का रास्ता रोकने और लगातार धमकियां देने से माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे विवाद ने उस समय उग्र रूप ले लिया, जब शौचालय को नुकसान पहुंचाने के प्रयास का विरोध किया गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे व ईंट-पत्थरों के साथ भिड़ गए। संघर्ष के दौरान मोनू के पैर में गंभीर चोट लग गई, जबकि अन्य लोग भी घायल हुए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर शांति भंग की कार्रवाई की। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भूमि विवाद का स्थायी समाधान समय रहते कराया गया होता तो यह घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और तहरीर, मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है, हालांकि पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।

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