वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में सीएमआईएस परियोजनाओं, विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं तथा विभिन्न विभागों की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीएमआईएस पोर्टल पर रेड श्रेणी में प्रदर्शित परियोजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण डाटा अपलोड कर उनकी प्रगति सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा के दौरान यू.पी.आर.एन.एस.एस. की पांच तथा यू.पी. प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड की छह परियोजनाएं रेड श्रेणी में पाई गईं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कार्यों में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। वहीं आईसीडीएस पोषण अभियान के तहत गोरखपुर और देवरिया में कुपोषित बच्चों के सुधार की कम प्रगति पर जिला कार्यक्रम अधिकारियों को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
मण्डलायुक्त ने लंबित न्यायिक वादों की समीक्षा के दौरान धारा-24 (सीमांकन) और धारा-34 (नामांतरण) के मामलों के निस्तारण में लापरवाही पर कई राजस्व अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलाधिकारियों को अभियान चलाकर पुराने लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराने को कहा।
बैठक में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्यों की धीमी प्रगति पर कार्यदायी संस्थाओं को कड़ी फटकार लगाई गई। चारफाटक-असुरन मार्ग, मानीराम-बालापार मार्ग, गोरखपुर-पिपराइच मार्ग तथा गोरखनाथ मंदिर मार्ग से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी गई।
इसके अलावा विरासत गलियारा, महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम तथा अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत गोडधोइया नाला और रामगढ़ताल के जीर्णोद्धार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मण्डलायुक्त ने कहा कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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