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Tuesday, June 2, 2026

संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा, राहत शिविरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता


संतकबीरनगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संभावित बाढ़ एवं तटबंधों के कटान से बचाव की तैयारियों की समीक्षा हेतु बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने राप्ती और घाघरा नदियों के आसपास स्थित बाढ़ संभावित क्षेत्रों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रभावी कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया जाए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में बाढ़ चौकियों, राहत केंद्रों और राहत शिविरों की स्थापना तथा विभागवार जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को राहत किट तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के लिए भूसा-चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यक टेंडर प्रक्रिया समय से पूरी करने को कहा।

उन्होंने धनघटा और मेंहदावल तहसील के बाढ़ प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में राहत शिविरों की स्थापना की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिविर ऐसे स्थानों पर बनाए जाएं जहां आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो। शिविरों में स्वच्छ भोजन, पेयजल, शौचालय, बिजली, चिकित्सकीय सुविधा, एम्बुलेंस, बच्चों के लिए अध्ययन एवं खेलकूद की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि 15 जून 2026 से जनपद मुख्यालय पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) और कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए दूरभाष संख्या 05547-226505 तथा टोल फ्री नंबर 1077 भी उपलब्ध रहेगा।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग को संभावित संक्रामक रोगों की रोकथाम, दवाओं की उपलब्धता तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। वहीं बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव, मोटरबोट और गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्थानीय लोगों से संवाद बनाकर समस्याओं का समय रहते समाधान करने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ एक आकस्मिक आपदा है, इसलिए सभी विभाग पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ तैयारियां पूर्ण रखें।

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