वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल (ओएमसी) ने उपभोक्ताओं और आम जनता को आश्वस्त किया है कि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर दिखाई दे रही स्थिति पूरी तरह स्थानीय और अस्थायी है, जो कुछ क्षेत्रों में मांग और आपूर्ति के असंतुलन तथा बिक्री के बदलते पैटर्न के कारण उत्पन्न हुई है।
तेल कंपनियों के अनुसार वर्तमान में फसलों की कटाई के सीजन के चलते डीजल की मांग में मौसमी वृद्धि हुई है। वहीं कुछ निजी पेट्रोल पंपों पर अपेक्षाकृत अधिक कीमतों के कारण उपभोक्ता सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के अनुरूप थोक और संस्थागत आपूर्ति की दरें बढ़ने से बड़े पैमाने पर संस्थागत एवं व्यावसायिक खरीदार भी सार्वजनिक क्षेत्र के पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं।
कंपनियों ने बताया कि एक से 31 मई 2026 के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में पेट्रोल की बिक्री में 0.4 प्रतिशत तथा डीजल की बिक्री में लगभग 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मांग में इस बढ़ोतरी के बावजूद उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति लगातार की जा रही है।
ओएमसी ने कहा कि प्रदेश में उनके 12,331 पेट्रोल पंपों के विशाल नेटवर्क में से केवल कुछ चुनिंदा पंपों पर ही आपूर्ति में देरी की स्थिति देखने को मिली है, जबकि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन का स्टॉक पर्याप्त और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
तेल विपणन कंपनियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में भी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक ईंधन खरीदारी से बचें। साथ ही ईंधन की उपलब्धता से संबंधित जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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