बस्ती। सोमवार को भीम आर्मी जय भीम संगठन के प्रदेश प्रमुख महासचिव एडवोकेट विक्रम गौतम के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी वर्गों के लिए लोकतंत्र के चारों स्तंभों—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता—में आरक्षण लागू करने, पदोन्नति में आरक्षण देने तथा बैकलॉग रिक्तियों को भरने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद एडवोकेट विक्रम गौतम ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी वर्गों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने वंचित और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी, लेकिन इसका पूरा लाभ अभी तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाया है।
ज्ञापन में जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी सुनिश्चित करते हुए सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने, पदोन्नति में आरक्षण देने, बैकलॉग रिक्तियों को भरने, जातिगत जनगणना कराने तथा नीट, जेईई और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई है।
इसके अलावा नगर निकायों में कार्यरत निजी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, ठेका प्रथा समाप्त करने, सीवर और नालों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग सुनिश्चित करने, मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने, कथित फर्जी मुठभेड़ों और गोकशी से जुड़े झूठे मुकदमों की सीबीआई जांच कराने तथा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी शामिल है।
ज्ञापन देने वालों में एडवोकेट रविन्द्र कुमार, करन कुमार, मनीष, अनुराग सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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