वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। कृषि विभाग द्वारा संचालित ‘यो सेफ फूड-अमानक, अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों से सावधान अभियान 2.0’ के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, बंजरिया में किसानों, कृषि विभाग के कर्मचारियों तथा पेस्टीसाइड विक्रेताओं के लिए एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य कीटनाशी रसायनों के सुरक्षित एवं संस्तुत उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नकली एवं अमानक कीटनाशकों के दुष्प्रभावों से अवगत कराना था।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि कीटनाशकों का प्रयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर ही किया जाए तथा कृषि विभाग एवं वैज्ञानिकों द्वारा संस्तुत रसायनों का निर्धारित मात्रा एवं समय पर उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के अंधाधुंध एवं असंतुलित प्रयोग से फसलों में अवशेष बढ़ते हैं, जिससे मानव स्वास्थ्य, पशुओं तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
प्रतिभागियों को कीटनाशक छिड़काव के दौरान मास्क, दस्ताने, चश्मा, एप्रन, पूर्ण बांह के कपड़े एवं जूतों जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपी किट) का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही रसायनों के घोल तैयार करते समय सीधे संपर्क से बचने तथा छिड़काव के दौरान भोजन, पानी एवं धूम्रपान न करने की हिदायत दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि तेज हवा, वर्षा अथवा अत्यधिक तापमान की स्थिति में छिड़काव नहीं करना चाहिए तथा हमेशा हवा की दिशा के विपरीत खड़े होकर छिड़काव करना चाहिए। कार्य पूर्ण होने के बाद साबुन एवं स्वच्छ पानी से शरीर की अच्छी तरह सफाई करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा, बस्ती मंडल चरण सिंह ने की। इस अवसर पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक पवन मिश्रा तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने फसल सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य संरक्षण एवं सुरक्षित कीटनाशी उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उपस्थित किसानों एवं पेस्टीसाइड विक्रेताओं ने ऐसे कार्यक्रमों को उपयोगी एवं आवश्यक बताते हुए इसकी सराहना की।

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