बस्ती। सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय "सुदामाजी" ने जिलाधिकारी बस्ती को ज्ञापन सौंपकर मनोरमा नदी की सफाई, अतिक्रमण हटाने तथा प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्यवाही न होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
सुदामाजी ने कहा कि पिछले लगभग डेढ़ दशक से वह मनोरमा नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए जनजागरण, जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन, पत्राचार तथा जनहित याचिका के माध्यम से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में समय-समय पर स्वयंसेवकों द्वारा नदी के प्रमुख घाटों पर सफाई अभियान भी चलाया गया। इसी जनदबाव के परिणामस्वरूप पूर्व में जिला प्रशासन द्वारा कुछ स्थानों पर आंशिक सफाई कार्य कराया गया था, किन्तु बाद में अभियान केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया।
उन्होंने बताया कि 5 फरवरी 2026 से अब तक दर्जनों ज्ञापन देकर मनोरमा, रामरेखा एवं कुआनों नदियों की सफाई, नदियों में गिर रहे प्रदूषित नालों के नियमन, अपशिष्ट डालने वालों पर कार्रवाई तथा नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की मांग की जाती रही है। जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों को निर्देश भी दिए गए, किन्तु न तो कार्यों की समीक्षा की गई और न ही किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
सुदामाजी ने आरोप लगाया कि 9 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में रामनवमी तक लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई अभियान चलाने का आश्वासन दिया गया था, जबकि आज तक कोई उल्लेखनीय सफाई कार्य शुरू नहीं हो सका। इसी प्रकार 7 मई को आयोजित बैठक में एक माह के भीतर नदी क्षेत्र के अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने का आश्वासन दिया गया था, परन्तु अभी तक इस दिशा में भी कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत विडंबनापूर्ण है कि जिस मनोरमा नदी को विभिन्न जांच एजेंसियों ने प्रदूषित माना तथा जिसके संरक्षण और सफाई प्रयासों की चर्चा स्वयं माननीय प्रधानमंत्री ने अपने "मन की बात" कार्यक्रम में की, उसी नदी की वास्तविक सफाई और पुनर्जीवन को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की उदासीनता बनी हुई है।
सुदामाजी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि 7 जून तक मनोरमा नदी की सफाई का अभियान शुरू कराया जाए, अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए तथा संबंधित विभागों से कार्य प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर उन्हें अवगत कराया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो 15 जून को अपने समर्थकों एवं क्षेत्रवासियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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