गोरखपुर। राप्ती नदी में हाल के दिनों में बच्चों की डूबने से हुई दर्दनाक मौतों के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा एवं पुलिस उप महानिरीक्षक एस. चन्नप्पा ने शनिवार को राप्ती नदी के उन संवेदनशील स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां हाल में हादसे हुए थे।
दोनों अधिकारियों ने साहूकोल उर्फ मिर्जापुर गांव तथा राजघाट क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक (नगर) सहित राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी सूचक बोर्ड एवं साइनेज तत्काल लगाए जाएं। इन बोर्डों पर संबंधित थानाध्यक्ष का नाम, मोबाइल नंबर तथा एनडीआरएफ का संपर्क नंबर भी अंकित किया जाए, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।
उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि नदी के गहरे और खतरनाक स्थलों पर लाल रंग के चेतावनी बोर्ड शीघ्र लगवाए जाएं। साथ ही नदी किनारे बसे गांवों में चौपाल आयोजित कर अभिभावकों को जागरूक किया जाए, जिससे वे बच्चों को नदी में नहाने या खतरनाक स्थानों पर जाने से रोक सकें।
प्रशासन का उद्देश्य भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और लोगों को नदी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है।

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