बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के महसों गांव निवासी रामराज त्रिपाठी ने उप जिलाधिकारी सदर एवं पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आंधी-तूफान में गिरे अपने आम के पेड़ की लकड़ी वापस दिलाने तथा मामले में अनावश्यक विवाद खड़ा करने वाले विपक्षियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
रामराज त्रिपाठी का आरोप है कि उनके बाग में स्थित आम का पेड़ आंधी-तूफान में गिर गया था। 25 मई को वह पेड़ की लकड़ी ट्रॉली पर लादकर घर ले जा रहे थे, तभी महसों चौकी प्रभारी ने उन्हें रोक दिया और एसडीएम से अनुमति लाने की बात कहकर लकड़ी ट्रॉली से उतरवा दी। उनका कहना है कि संबंधित भूमि गाटा संख्या-190 बाग मालिकान है, जिसमें उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है तथा उक्त पेड़ उनके पिता कृष्ण त्रिपाठी ने लगभग 65 वर्ष पूर्व लगाया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षियों ने स्थानीय पुलिस से मिलीभगत कर उनकी लकड़ी, झाड़ और पत्तियां उठा लीं। साथ ही कानूनगो द्वारा गलत पैमाइश कर उनके बाग की भूमि को विपक्षियों के पक्ष में दर्शाने का भी आरोप लगाया है। रामराज त्रिपाठी का कहना है कि उनकी आराजी संख्या-190 उनके नाम दर्ज है, जबकि विपक्षियों की आराजी संख्या-192 कृषि भूमि है, जिसे गलत तरीके से उनके बाग में शामिल दिखाया गया।
पीड़ित ने बताया कि उप जिलाधिकारी सदर द्वारा लकड़ी उनके घर भिजवाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक उनका पालन नहीं किया गया। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और न्याय दिलाने की मांग की है।

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