गोरखपुर। समाजवादी पार्टी गोरखपुर महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी ने प्रदेश में बिजली कंपनियों द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पावर कॉरपोरेशन और बिजली कंपनियों के अधिकारियों की मिलीभगत से उपभोक्ताओं को गुमराह कर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पुराने पोस्टपेड कनेक्शन को प्रीपेड मोड में बदला जा रहा है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लाखों की संख्या में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिसके बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल में तीन गुना तक वृद्धि देखने को मिली है। आरोप है कि नई तकनीक के नाम पर जनता को भ्रमित कर राजस्व बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह प्रक्रिया विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के निर्देशों का उल्लंघन है। उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड मीटर लागू करना गैरकानूनी बताया गया है।
शब्बीर कुरैशी ने कहा कि गोरखपुर में ही लगभग ढाई लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और लगातार उपभोक्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है। बिजली कटौती और कनेक्शन जोड़ने में देरी जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं।
उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए और जबरन लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए, ताकि उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण बंद हो सके।

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