कानपुर। 1980 मेगावाट के नेयवेली पावर प्लांट की तीसरी यूनिट से भी जल्द विद्युत उत्पादन शुरू होगा। प्लांट प्रबंधन की ओर से जानकारी दी गई कि शुक्रवार को तीसरी यूनिट का सफल ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन किया गया। 660 मेगावाट की दो यूनिटें पहले ही संचालित थीं। जल्द ही तीसरी यूनिट से भी उत्पादन शुरू हो जाएगा।
1980 मेगावाट के नेयवेली पावर प्लांट में 660 मेगावाट की तीन यूनिट हैं। 12 दिसंबर 2024 को पहली यूनिट से उत्पादन शुरू हो गया था। इसके बाद आठ दिसंबर को दूसरी यूनिट शुरू हो गई थी। शुक्रवार को अधिकारियों की उपस्थिति में तीसरी यूनिट का 765 केवी ग्रिड के साथ 'टीजी रोलिंग एवं सिंक्रोनाइजेशन' एक ही बार में पूरा कर लिया गया है।
यह उपलब्धि स्टीम ब्लोइंग टेस्ट पूरा होने के तुरंत बाद हासिल की गई है। बताया गया कि यह उपलब्धि तीसरी यूनिट के कमर्शियल ऑपरेशन डिक्लेरेशन (सीओडी) की दिशा में एक बड़ा कदम है। तीसरी यूनिट शुरू होने के बाद प्रतिदिन 47.52 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन शुरू हो जाएगा जो देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
एनएलसी इंडिया लिमिटेड के सीएमडी एवं एनयूपीपीएल के चेयरमैन प्रसन्न कुमार मोटुपल्ली ने सभी को बधाई दी। तीसरी यूनिट के सिंक्रोनाइजेशन के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में पावर प्लांट पूरी तरह से विद्युत उत्पादन करने लगेगा।
नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल) एनएलसी इंडिया लिमिटेड (51%) और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (49%) के बीच एक संयुक्त उपक्रम है। नेयवेली पावर प्लांट के लिए झारखंड के दुमाक जिले में स्थित पचवारा साउथ ब्लॉक से कोयला उपलब्ध हो रहा है।
इस कोल ब्लॉक के विकास में लगातार कार्य हो रहा है। खनन कार्य 19 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था और 29 मार्च 2026 को कोयला प्राप्त हो चुका है, जिससे प्रोजेक्ट के लिए लंबे समय तक ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित हो गई है।
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