वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
नई दिल्ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर में ब्लड बैंक एवं रक्ताधान सेवाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव (जन स्वास्थ्य) एवं नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नाको) के महानिदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने की। इसमें 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में ब्लड बैंक सेवाओं के पांच प्रमुख चरणों—लाइसेंसिंग, रक्त संग्रह, टीटीआई जांच, रक्त प्रोसेसिंग एवं वितरण तथा रिपोर्टिंग व्यवस्था—की समीक्षा 10 प्रमुख मानकों के आधार पर की गई। इसके लिए eRaktKosh, BBMS, CDSCO और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आंकड़ों का उपयोग किया गया।
डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि दिसंबर 2026 तक देश के हर जिले में कम से कम एक ब्लड बैंक स्थापित करने का लक्ष्य है, ताकि सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और संक्रमण के जोखिम को समाप्त किया जा सके। सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटरों को चरणबद्ध रूप से eRaktKosh से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश की प्रगति को विशेष रूप से सराहा गया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर उपलब्ध हैं तथा सभी संचालित केंद्रों में 100 प्रतिशत कंपोनेंट सेपरेशन सुविधा मौजूद है। लाइसेंस अनुपालन और रक्त सुरक्षा प्रणाली के बेहतर प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
बैठक में आधुनिक जांच तकनीकों, डिजिटल ट्रैकिंग, बायोमेट्रिक डोनर पहचान प्रणाली और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन (HFR) आईडी लागू करने पर जोर दिया गया। स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल, रेड क्रॉस, FDA और CDSCO को समयबद्ध कार्ययोजना के तहत इन प्राथमिकताओं को लागू करने के निर्देश दिए गए।
समापन में सभी राज्यों ने सुरक्षित, सुलभ और समय पर रक्त उपलब्ध कराने के साझा लक्ष्य को दोहराया।

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