बस्ती। गुरुवार को मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीन दयाल तिवारी के नेतृत्व में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अयोध्या जनपद के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के बेनीपुर खिदिरपुर गांव में हिंसा व आगजनी के कथित मामले में दर्ज एससी-एसटी की धाराओं को लेकर ब्राह्मण समाज के कथित उत्पीड़न को रोकने की मांग की गई।
ज्ञापन के बाद दीन दयाल तिवारी ने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर निर्दोष लोगों को राहत दी जाए और किसी भी घटना को जाति या धर्म के आधार पर न आंका जाए। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती की रात गांव में हुई आगजनी में दलित बस्ती के तीन परिवारों के छप्पर व घरेलू सामान जल गए थे, जिससे दो वर्गों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने इस मामले में गांव के 11 लोगों के खिलाफ आगजनी व एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
अग्निपीड़ित मनीराम द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, समारोह के बाद रात करीब एक बजे उनके छप्पर में आग लग गई थी। तिवारी ने आरोप लगाया कि बिना तथ्यात्मक जांच के शेषमणि तिवारी समेत कई लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर निर्दोषों को न्याय दिलाया जाए। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो मेधा संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन देने वालों में उमेश पांडेय ‘मुन्ना’, रामरीका पांडेय, प्रतीक मिश्र, गिरीश चंद्र गिरी, विपुल सिंह, दीपक सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

No comments:
Post a Comment