कानपुर। एलपीजी सिलिंडर की मारामारी के बीच जमकर कालाबाजारी हो रही है। गैस एजेंसियों के बाहर घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा और दूसरी तरफ मुनाफाखोर इनकी कालाबाजारी में जुटे हुए हैं।
तमाम शिकायतों के बाद प्रशासन व आपूर्ति विभाग की टीम ने लाल बंगला और गुरुदेव पैलेस में चार दुकानों पर छापा मारा। न्यू सब्जी मंडी लाल बंगला में तीन दुकानों से 24 घरेलू सिलिंडर, 10 छोटे व छह बड़े कमर्शियल सिलिंडर, चार पेट्रोमैक्स बरामद किए गए। इसी तरह, गुरुदेव पैलेस की एक मिठाई की दुकान में छह सिलिंडर का अवैध भंडारण मिला।
इस तरह कुल 46 घरेलू व कॉमर्शियल सिलिंडर पकड़े गए। चारों दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
आपूर्ति विभाग की टीम ने न्यू सब्जी मंडी लालबंगला में तीन दुकानों पर छापा मारा। संतोष कुमार के अर्जेंट रिपेयरिंग सेंटर से चार घरेलू सिलिंडर, दो पेट्रोमैक्स व री-फिलिंग उपकरण बरामद हुए। श्वेता साहू के न्यू स्वीटी किचन सेंटर से पांच किलो के 10 छोटे कमर्शियल, सात घरेलू सिलिंडर, दो पेट्रोमैक्स, री-फिलिंग उपकरण व इलेक्ट्रॉनिक कांटा मिला।
वहीं, गौरव साहू के स्वाति किचन सेंटर से 13 घरेलू सिलिंडर, चार कमर्शियल सिलिंडर बरामद हुए। इस तरह लाल बंगला की तीन दुकानों से कुल 24 घरेलू सिलिंडर, पांच किलो के 10 कमर्शियल सिलिंडर, 19 किलो के चार कमर्शियल सिलिंडर व चार पेट्रोमैक्स बरामद किए गए हैं।
इसी तरह, गुरुदेव पैलेस के पास स्थित कृष्णा स्वीट हाउस से छह सिलिंडर बरामद हुए। इनमें पांच घरेलू और एक कॉमर्शियल सिलिंडर था। यहां घरेलू सिलिंडर का व्यवसायिक प्रयोग हो रहा था। घरेलू सिलिंडरों का अवैध भंडार भी किया गया था।
इस पर स्वीट हाउस के मालिक मनोज यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि दुकानदार घरेलू सिलिंडरों की गैस कमर्शियल सिलिंडरों में री-फिल कर उनको महंगे कीमत में बेचते थे।
- गैस एजेंसियों के कर्मचारियों की साठगांठ से हो रहा खेल
एलपीजी की कालाबाजारी के खेल में गैस एजेंसियों के कर्मचारियों की भी साठगांठ सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि बुकिंग के बाद भी सिलिंडर घरों तक नहीं पहुंचने के पीछे इन्हीं कर्मचारियों का हाथ है। गैस की कालाबाजारी करने वाले गैस एजेंसियों के कर्मचारियों के संपर्क में हैं।
उनके माध्यम से इन तक सिलिंडर पहुंचाए जा रहे हैं। दुकानों पर इनकी री-फिलिंग कर महंगे दामों पर बेचा जाता है। इसके बाद होने वाले मुनाफे को आपस में बांट लिया जाता है। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी आपूर्ति विभाग की है।
- घनी आबादी में घरेलू सिलिंडर का खुलेआम हो रहा व्यावसायिक प्रयोग
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में घरेलू सिलिंडरों का व्यावसायिक प्रयोग किया जा रहा है। यहां घरेलू सिलिंडर से नहारी सहित अन्य भोजन तैयार किया जा रहा है। यतीमखाना, तलाक महल, बेकनगंज, रुपम चौराहा, चमनगंज आदि में बड़ी संख्या में नहारी-कोलचा, बिरयानी आदि की दुकानें लगी हुई हैं। इनमें देर रात तक भीड़ उमड़ रही है।
अधिकांश दुकानें फुटपाथ व सड़क को घेर कर बनाई गई हैं। यहां होटलों, दुकानों आदि में घरेलू सिलिंडरों का प्रयोग किया जा रहा है। इनको कालाबाजार से खरीदा जा रहा है। एक ओर उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दुकानों पर आसानी से उनकी उपलब्धता बनी हुई है।
जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया की एलपीजी की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, री-फिलिंग के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। घरेलू सिलिंडरों का व्यवसायिक प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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