बस्ती। शुक्रवार को विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता “पेड़ वाले बाबा” गौहर अली ने रोडवेज के निकट एक नीम के पेड़ पर गौरैया के लिए घोंसला लगाया, ताकि यह नन्हीं चिड़िया सुरक्षित रह सके।
इस मौके पर गौहर अली ने कहा कि प्रकृति की दूत मानी जाने वाली गौरैया इंसानों के आसपास रहना पसंद करती है, लेकिन पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ता प्रदूषण, रेडिएशन और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के कारण इसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि गौरैया का तेजी से लुप्त होना बेहद गंभीर विषय है। हालांकि शहर में कई पशु-पक्षी प्रेमी इसके संरक्षण के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन इसके बावजूद घर-आंगन की रौनक मानी जाने वाली गौरैया का जीवन संकट में है।
गौहर अली ने लोगों से अपील की कि वे आगे आकर इस पक्षी के संरक्षण के लिए पहल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी गौरैया की चहचहाहट सुन सकें।

No comments:
Post a Comment