वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर के दिशा-निर्देश पर यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर में महिला सशक्तिकरण, सहभागिता, सम्मान एवं समान अवसरों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 17 से 19 मार्च 2026 तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रमों की शुरुआत 17 मार्च को महिला कर्मचारियों द्वारा कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से हुई, जिसमें गीत, कविता और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया गया। महिला कर्मचारियों ने अपनी अभिव्यक्तियों के जरिए अनुभवों और भावनाओं को साझा करते हुए प्रेरक वातावरण का निर्माण किया।
18 मार्च को बोगी स्प्रिंग अनुभाग में स्प्रिंग पेंट बूथ का उद्घाटन वरिष्ठ महिला कर्मचारी मधुबाला श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इसके साथ ही महिला कर्मचारियों के सम्मान में सहभोज का आयोजन किया गया, जिससे आपसी संवाद और सौहार्द को बढ़ावा मिला।
19 मार्च को मुख्य कारखाना प्रबंधक डॉ. सुनील कुमार शर्मा की उपस्थिति में महिला विश्राम कक्ष का उद्घाटन वरिष्ठ महिला कर्मचारी स्नेहलता दुबे द्वारा किया गया। इसी अवसर पर डॉ. शर्मा ने “बढ़ते कदम” नामक पत्रिका का विमोचन भी किया, जो महिला कर्मचारियों की स्वप्रेरणा से शुरू की गई पहल है। इस पत्रिका में महिलाओं के अनुभव, संस्मरण, लेख, कविताएं और कार्यशाला की गतिविधियों से जुड़े आलेख शामिल हैं।
विमोचन के दौरान डॉ. शर्मा ने कहा कि महिलाएं अपनी क्षमता, दक्षता और नेतृत्व से कारखाने की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने समानता, सम्मान और संवेदनशीलता पर आधारित कार्य वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया।
उप मुख्य यांत्रिक अभियंता अनुज मिश्रा ने कहा कि एक स्वस्थ कार्यस्थल वही है, जहां सभी को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षित वातावरण मिले। महिला कर्मचारियों की ओर से सतविंदर कौर ने बताया कि कारखाने में उन्हें समान अवसर और सहयोगात्मक माहौल प्राप्त हो रहा है।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘संस्कृति, समानता, समान अवसर और जेंडर सेंसिटाइजेशन’ विषय पर विचार-विमर्श सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें अतिथि वक्ता डॉ. निशा जायसवाल सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने विचार रखे। उन्होंने संवाद और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से कार्यस्थल को अधिक समावेशी बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर यांत्रिक कारखाना के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं महिला रेलकर्मी उपस्थित रहीं।

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