बस्ती। मनरेगा कानून बदले जाने के सवाल को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन निरन्तर जारी है। शनिवार को कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि आगामी 17 फरवरी को मनरेगा बचाओ संग्राम की कड़ी में यूपी विधानसभा का घेराव किया जायेगा जिसमें बस्ती से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल होंगे। कहा कि भाजपा सरकार भारत के सबसे गरीब लोगों के लिए गरिमा, सुरक्षा और जीवन यापन की गारंटी वाले मनरेगा कानून को कमजोर कर इसे खत्म करने की साजिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है कि जबतक मनरेगा को पूरी तरह उसके मूल स्वरूप में बहाल नही किया जाता तब तक मनरेगा बचाने की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।
बताया कि भारतीय जनता पार्टी के इस मजदूर विरोधी नियम के आते ही कांग्रेस ने 3 जनवरी से ही पूरे देश में मनरेगा बचाओं संग्राम शुरु कर दिया था। पिछले एक महीने से जारी इस संग्राम में हम गांधीवादी तरीके से इस संवेदनहीन बदलाव का विरोध कर रहे है। पूरे प्रदेश में 5000 से ज्यादा मनरेगा बचाओं चौपालों का आयोजन किया जा चुका है। 13 फरवरी को सभी 75 जनपदों में मनरेगा बचाओं पदयात्रा की गई।
पत्रकारों के सवालों का उत्तर देते हुये कांग्रेस नेता डा. वाहिद अली सिद्दीकी, शौकत अली नन्हू, संदीप श्रीवास्तव, साधू सरन आर्य, अलीम अख्तर ने कहा कि मनरेगा बचाओं संग्राम का दूसरा चरण शुरु होने जा रहा है। इसमें हम 17 फरवरी को लखनऊ में विधानसभा घेराव करेंगे और राज्य सरकार को बतायेंगे कि कैसे केन्द्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ आप पर बोझ डालकर खुद बच जाना चाह रही है। हम यह बतायेंगे कि कैसे मनरेगा कानून में किये जा रहे बदलाव संघीय ढाचे को कमजोर करने का एक कुत्सित प्रयास है।
प्रेस वार्ता में जयन्त चौधरी, विनय तिवारी, आशुतोष पाण्डेय, शुभम गाँधी आदि मौजूद रहे।
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