वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। हैदराबाद में 13 से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित विश्व मधुमेह एवं मोटापा सम्मेलन में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के चिकित्सा विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. सतीश कुमार को “डायबिटीज इंडिया फेलोशिप” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें मधुमेह के क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध, नैदानिक सेवाओं और शैक्षणिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।
सम्मेलन में देश-विदेश के चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने मधुमेह नियंत्रण की नवीनतम पद्धतियों, नई औषधियों, मोटापा प्रबंधन, हृदय एवं चयापचय संबंधी जोखिम तथा जनस्वास्थ्य रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य अतिथि केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में मधुमेह की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए जागरूकता, नियमित जांच और संतुलित जीवनशैली अत्यंत आवश्यक है।
सम्मेलन के दौरान निरंतर ग्लूकोज निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित जांच प्रणाली तथा व्यक्तिगत उपचार पद्धति जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने कहा कि मधुमेह केवल एक रोग नहीं बल्कि बहु-प्रणाली विकार है, जिसका संबंध हृदय, गुर्दा और तंत्रिका संबंधी रोगों से भी है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. सतीश कुमार ने इसे विश्वविद्यालय और भारतीय चिकित्सा समुदाय के सामूहिक प्रयासों की उपलब्धि बताया। उनके सम्मान से उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के चिकित्सा जगत में हर्ष की लहर है।

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