बस्ती। नगर पंचायत गणेशपुर स्थित ‘श्रीमती सावला देवी जूनियर हाईस्कूल’ के प्रांगण में रविवार को संत रविदास के जयन्ती अवसर पर को पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों दो दिवसीय वृहद सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। ‘सक्षम कल्चर सेवा समिति’ द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता की एक नई मिसाल पेश की, जहाँ विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और पर्यावरण प्रेमियों ने एक सुर में धरती को बचाने का संकल्प लिया। ‘प्लास्टिक मुक्त व हरा-भरा बस्ती’ बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नवल किशोर ने दीप प्रज्वलन कर किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य आलोक श्रीवास्तव ने वृक्षारोपण के महत्व की जनकारी दी। कहा कि आज के दौर में बढ़ता प्रदूषण और लुप्त होते जंगल मानव अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। उन्होंने इतिहास और संस्कृति का हवाला देते हुए बताया कि भारतीय परंपरा हमेशा से प्रकृति पूजक रही है, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ में हम अपनी जड़ों को भूल रहे हैं। प्रधानाचार्य ने छात्रों को ‘ग्रीन वॉरियर’ बनने का आह्वान किया और कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन के विशेष अवसरों पर एक पौधा लगाकर उसकी संतान की तरह देखभाल करनी चाहिए।
संस्थान के प्रबंधक और कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार सक्षम श्रीवास्तव ने सेमिनार की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि समिति ने बिना किसी सरकारी वित्तीय सहायता के, अपने निजी प्रयासों और सीमित संसाधनों से इस विशाल आयोजन का बीड़ा उठाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक कर्तव्य है। संगोष्ठी के दौरान तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ (वर्षा जल संचयन), सौर ऊर्जा के बढ़ते महत्व और रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खेती अपनाने की वैज्ञानिक विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान उपस्थित जनसमूह को कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के बहिष्कार के व्यावहारिक तरीके भी समझाए गए।
कार्यक्रम में केवल बौद्धिक चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि कला और संस्कृति के माध्यम से भी पर्यावरण का संदेश दिया गया। स्थानीय कलाकारों ने अपनी मधुर आवाज में पर्यावरण पर आधारित लोकगीत प्रस्तुत किए, जिसने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ‘उजड़ते वन और कराहती धरती’ विषय पर एक मर्मस्पर्शी लघु नाटिका का मंचन किया, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य प्रबुद्ध जन राजेश कुमार, सीमा श्रीवास्तव, अशोक वर्मा, वंदना राय, सुनील चौधरी, पंकज त्रिपाठी, रेणु, और सत्य प्रकाश ने संस्था के इस साहसिक और निस्वार्थ प्रयास को सराहा। कार्यक्रम में अमित, विकास, राहुल, सुमित, प्रीति, सुल्ताना बेगम, राम सिंह, कमला देवी, राम लखन, सर्वेश, आशुतोष, नितेश, श्वेता, मोहिनी, मुकेश, पवन, और आदित्य सहित भारी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी आगंतुकों को फलदार पौधे वितरित किए गए और ‘प्लास्टिक मुक्त व हरा-भरा बस्ती’ बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
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