वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश बीज नीति 2025–26 को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से आधुनिक, वैज्ञानिक और प्रभावी बीज नीति तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटती जोत के वर्तमान परिदृश्य में खेती का फोकस रकबे के विस्तार पर नहीं, बल्कि प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने पर होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी अनिवार्य करने के निर्देश देते हुए मिलावटी एवं अमानक बीजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में कृषि विश्वविद्यालयों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), उपकार, निजी बीज उद्योग, प्रगतिशील किसानों और कृषि विज्ञान केंद्रों के बीच समन्वय मजबूत कर बीज अनुसंधान, नवाचार तथा नई किस्मों की रिलीज प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में प्रदेश में 5 सीड पार्क स्थापित करने, टिशू कल्चर प्रयोगशालाओं के विस्तार तथा प्रमाणित नर्सरी नेटवर्क को सुदृढ़ करने की कार्ययोजना पर भी बल दिया। इसके साथ ही दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और बागवानी फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ट्यूबवेलों के सौर ऊर्जीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बीज नीति किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की कृषि को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होनी चाहिए।

No comments:
Post a Comment