- जातिवाद के नाम पर आरक्षण क्यों, प्रतिभाओं को सम्मान मिले
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ आश्रम, बढ़नी मिश्र में आयोजित गुरु वशिष्ठ रामायण कथा के पांचवें दिन जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म, नामकरण तथा श्रीराम नाम महिमा का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि यूजीसी का नया नियम देश को गृह युद्ध की ओर ले जा सकता है और इसका परिणाम गंभीर हो सकता है। उन्होंने कहा कि पंथ अनेक हैं, लेकिन हम सब हिन्दू एक हैं। जातिवाद के नाम पर आरक्षण पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को सम्मान मिलना चाहिए।
रामभद्राचार्य ने कहा, “राम कहने मात्र से चारों वेदों के पाठ का फल मिलता है। चौपाई नहीं गाओगे तो चौपट हो जाओगे।” उन्होंने हिन्दू समाज से कुरीतियों से दूर रहने का आह्वान किया और कहा कि श्रीराम मंदिर बनने के बाद देश तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ रहा है।
भोजपुरी गायक आर्यन बाबू ने भजन और हनुमान चालीसा प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्री तुलसी पीठ चित्रकूट धाम के उत्तराधिकारी रामचन्द्र दास ने आयोजकों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कथा प्रारंभ में श्रद्धालुओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। संचालन मयंक श्रीवास्तव ने किया।


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