लखनऊ। मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज न कराने के कारण प्रदेश के 47,816 सरकारी कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया है। इस कार्रवाई को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कड़ी आपत्ति जताई है और निचले स्तर के कर्मचारियों का वेतन तत्काल जारी करने की मांग की है।
परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि तृतीय श्रेणी के लगभग 97 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी के 94 प्रतिशत कर्मचारियों ने समय से अपना संपत्ति विवरण दर्ज कर दिया है, जबकि बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी अब भी इसमें पीछे हैं। इसके बावजूद निचले स्तर के कर्मचारियों का वेतन रोका जाना अनुचित है। परिषद ने मांग की है कि ऐसे कर्मचारियों का वेतन तुरंत जारी किया जाए और मानव संपदा पोर्टल की प्रक्रिया को सरल बनाकर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि शेष कर्मचारी भी आसानी से विवरण दर्ज कर सकें।
- माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1483 कार्मिकों का वेतन रोका
शासन के निर्देशों के बावजूद माध्यमिक शिक्षा विभाग के 1483 कार्मिकों ने मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं किया है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने इन सभी का वेतन न जारी करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश भी जारी किए हैं।
निदेशक के अनुसार, 31 जनवरी तक समूह ‘ख’ के 48, समूह ‘ग’ के 1189 और समूह ‘घ’ के 246, कुल 1483 कार्मिकों ने संपत्ति विवरण नहीं भरा है। इन सभी की सूची जारी कर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि यदि किसी कार्मिक का वेतन जारी किया गया है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संपत्ति विवरण न देने वाले कार्मिकों के विरुद्ध सक्षम स्तर से अनुशासनात्मक कार्यवाही कर उसकी सूचना निदेशालय को उपलब्ध कराई जाएगी।
No comments:
Post a Comment